पत्नी सामान नहीं जिसे जहां चाहा वहां ले गए... सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मतलब जानते हैं​​​​​?

सुप्रीम कोर्ट ने पति पत्नी के एक मामले पर फैसला सुनाते हुए फिर एक बार महिलाओं के हक की बात की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पत्नी कोई गुलाम नहीं है इसलिए पत्नी को उसके पति के साथ जोर जबरदस्ती कर साथ रहने पर मजबूर नहीं किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और हेमंत गुप्ता की पीठ ने पति के दायर की गयी याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि तुम क्या सोचते हो? क्या एक महिला गुलाम है जो हम इस तरह के आदेश को पारित कर सकते हैं? क्या एक पत्नी गुलाम है जिसे कोर्ट आपके साथ जाने के लिए आदेश दे सकती है.

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By ArvindKumar Singh

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