अहमदाबाद : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गुजरात दौरे का रविवार को दूसरा दिन है. इस क्रम में वे आज बनासकांठा पहुंचे और सोशल मीडिया पर कांग्रेस का कैंपेन संभाल रहे कार्यकर्ताओं से बातचीत की. बनासकांठा में आज वह एक बार फिर मंदिर दर्शन करेंगे और भगवान का आशीर्वाद लेंगे. इसके साथ ही चुनावी रैलियों को वे संबोधित भी करेंगे.
गुजरात चुनाव के लिहाज से रविवार का दिन इसलिए भी अहम है क्योंकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी आज बनासकांठा में होंगे, जहां वह पार्टी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से मुलाकात करके चुनावी माहौल का जायजा लेंगे. पिछले दिनों अपने पिडी ट्वीट्स को लेकर चर्चे में रहे राहुल गांधी ने आज यहां कहा कि हम आईडियाज पर काम करते हैं. 3-4 लोगों की टीम है. मैं उन्हें सुझाव देता हूं. अगर अच्छा होता है तो उसे ट्वीट किया जाता है. रूटीन वर्क वाले ट्वीट, जैसे- बर्थडे की बधाई, मैं नहीं करता। मैं सिर्फ राजनैतिक मुद्दों पर ट्वीट करता हूं…
आगे राहुल गांधी ने कहा कि हम सच बोलते हैं और यह सच है कि गुजरात में विकास पागल हो गया है. यहां आपको बताते चलें कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सूबे के ताबड़तोड़ दौरे कर रहे हैं. शनिवार को एक बार फिर राहुल तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे हैं. इस बार वह उत्तर गुजरात का दौरा कर रहे हैं. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गढ़ माना जाता है.
शनिवार को भी राहुल ने किया मोदी सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने शनिवार को जीएसटी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब तक पांच स्लैब का ‘गब्बर सिंह टैक्स’ 18 प्रतिशत सीमा के साथ जीएसटी में नहीं बदलता, तब तक वह आराम से नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और हिंदुस्तान की जनता ने केंद्र पर दबाव बनाया, तो अरुण जेटली ने कई चीजों को जीएसटी के तहत 28 प्रतिशत स्लैब से हटाकर 18 प्रतिशत स्लैब में डाल दिया है. राहुल ने कहा कि हिंदुस्तान को पांच अलग-अलग टैक्स नहीं चाहिए. एक टैक्स चाहिए. इससे पहले, राहुल ने यहां प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर में पूजा की.
चुनाव से पहले मंदिर जा रहे राहुल : भाजपा
राहुल गांधी के इस कदम पर भाजपा ने पलटवार किया है. उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि राहुल गांधी क्यों चुनावों के पहले मंदिरों की यात्रा कर रहे हैं. लोग उनके इरादे जानते हैं कि वे ऐसे हथकंडों से वोट हासिल करना चाहते हैं. उनका भक्ति के प्रति कोई झुकाव नहीं है, क्योंकि अपने पहले की यात्राओं के दौरान राहुल गांधी कभी किसी मंदिर में नहीं गये.
