National herbs spices day: भारत से शुरु हुई मसालों की परंपरा

व्यंजनों में सूखे और ताजे दोनों रूपों में मसालों और जड़ी-बूटियों के बारे में जागरूकता फैलाना इस दिन का उद्देश्य है.राष्ट्रीय जड़ी-बूटी और मसाला दिवस यानी नेशनल हर्ब्स और स्पाइसेज डे 10 जून को विशेष रूप से धूमधाम से मनाया जाता है.

National herbs spices day

National herbs spices day: 10 जून को राष्ट्रीय जड़ी-बूटी और मसाला दिवस के रूप में मनाया जाता है. व्यंजनों में सूखे और ताजे दोनों रूपों में मसालों और जड़ी-बूटियों के बारे में जागरूकता फैलाना इस दिन का उद्देश्य है.राष्ट्रीय जड़ी-बूटी और मसाला दिवस यानी नेशनल हर्ब्स और स्पाइसेज डे 10 जून को विशेष रूप से धूमधाम से मनाया जाता है. राष्ट्रीय जड़ी-बूटी और मसाला दिवस पहली बार आधिकारिक तौर पर वर्ष 2015 में मनाया गया था. इस दिन ताजी और सूखी जड़ी-बूटियों और मसालों की विविधता और गुणवत्ता को मान्यता दी गई थी. भारत के मसालों का इतिहास हजारों साल पुराना है. जड़ी-बूटियों और मसालों का इस्तेमाल भारतीय जनजातियों द्वारा लगभग ‘मसालों की मानव सभ्यता’ के समय से ही किया जाता रहा है. ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्वेद भारत में मसालों का लिखित रिकॉर्ड प्रदान करते हैं. इसके अलावा साल 1498 में वास्को डी गामा ने भारतीय मसालों के यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच व्यापार की शुरुआत की थी. भारत को मसालों का हब कहा जाता है आपको बता दें भारत का वातावरण मसाले उगाने के लिए काफी उपयुक्त है. जैसे-जैसे विदेशी यात्री भारत से यात्रा करते गए, ये मसाले धीरे-धीरे पूरे महाद्वीप में अपनी जगह बनाते गए. भारतीय मसालों में इस बढ़ती रुचि के कारण ही भारत अब मसाला हब के नाम से पहचाना जाने लगा है.

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By Neha Singh

Neha Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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