Lok Sabha Chunav 2024: दुमका के भवरपाथर गांव के मतदाताओं में आक्रोश, बोले- रोड नहीं तो वोट नहीं

दुमका के एक गांव के लोगों ने लोकसभा चुनाव 2024 में वोट नहीं करने का ऐलान कर दिया है. 200 लोगों ने कहा है कि सड़क नहीं बनेगी, तो वोट नहीं देंगे.

काठीकुंड (दुमका), अभिषेक कुमार : दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड के भवरपाथरवासी गांव के लोगों ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अपनी आवाज बुलंद कर दी है. साफ कह दिया है कि अगर गांव में सड़क नहीं बनेगी, तो वोट नहीं देंगे. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में गांव से निकलना दूभर हो जाता है. दशकों से इस दर्द को झेल रहे हैं. अब और नहीं झेलेंगे. दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड अंतर्गत पिपरा पंचायत के यह गांव है. गांव में भुइया घटवाल और आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं. 45 से ज्यादा परिवार वाले इस गांव के लोग वर्षों से पक्की सड़क को तरस रहे हैं. ग्रामीणों ने कहा है कि वर्षों तक मतदान का अपना कर्तव्य हमने निभाया है. लेकिन, चुनाव जीतने वालों ने अब तक हमें कुछ नहीं दिया. हम मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. गांव एक ओर झिलीमिली मुख्य पथ से जुड़ती है, तो दूसरी ओर फिटकोरिया गांव से. कच्ची सड़क की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है. जब तक इसे पक्की सड़क में तब्दील नहीं किया जाएगा, हमलोग वोट नहीं करेंगे. ग्रामीणों ने इसका ऐलान कर दिया है. उनका कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण कई परेशानियां होती हैं. गंभीर रूप से बीमार मरीज और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. एंबुलेंस को गांव तक आने में काफी मुश्किल हो जाती है. बारिश के मौसम में तो सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है. स्कूल जाने वाले बच्चे गिरते-पड़ते आना-जाना करते हैं. यही वजह है कि ग्रामीणों में आक्रोश है. उन्होंने अपने आक्रोश का इजहार भी कर दिया है. कहा है कि इस बार इस गांव के 200 मतदाता वोटिंग से दूर रहेंगे. इस वीडियो में देखें ग्रामीणों का आक्रोश.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >