GROUND REPORT में देखिए झारखंड के केवना गांव की हकीकत, संभावनाओं में अभावों के साथ बसा ये गांव

GROUND REPORT: यूं तो गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई दावे किए जाते हैं. लेकिन दावों की सच्चाई तब पता चलती है जब तस्वीरें कुछ और बयां करती है....सरकार शहरों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करती है लेकिन गांवों के हालात क्या है? केवना गांव में जब कोई बीमार पड़ता है तो हेंडमेड एम्बुलेंस बड़ा सहारा बनता है. कंधे पर बांस के बल्ले के सहारे मरीज को लाद कर पैदल ही अस्पताल तक लेकर ग्रामीण जाते हैं.. क्योंकि एम्बुलेंस का इस गांव तक आने का कोई जरिया नहीं है.. कभी अगर मरीज की स्थिति नाजुक हो तो इस हेंडमेड एम्बुलेंस की स्पीड उतनी नहीं बढ़ पाती.. हां मरीज का दर्द जरूर बढ़ जाता है. देखिए रांची के दावे और कोरवा जनजाति के केवना गांव की हकीकत...

GROUND REPORT: यूं तो गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई दावे किए जाते हैं. लेकिन दावों की सच्चाई तब पता चलती है जब तस्वीरें कुछ और बयां करती है….सरकार शहरों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करती है लेकिन गांवों के हालात क्या है? केवना गांव में जब कोई बीमार पड़ता है तो हेंडमेड एम्बुलेंस बड़ा सहारा बनता है. कंधे पर बांस के बल्ले के सहारे मरीज को लाद कर पैदल ही अस्पताल तक लेकर ग्रामीण जाते हैं.. क्योंकि एम्बुलेंस का इस गांव तक आने का कोई जरिया नहीं है.. कभी अगर मरीज की स्थिति नाजुक हो तो इस हेंडमेड एम्बुलेंस की स्पीड उतनी नहीं बढ़ पाती.. हां मरीज का दर्द जरूर बढ़ जाता है. देखिए रांची के दावे और कोरवा जनजाति के केवना गांव की हकीकत…देखिए पूरी खबर…

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