Gen Z Talks: करियर को लेकर क्यों परेशान रहते हैं जेन जी?

Gen Z talks: जेनरेशन को हर आने वाले अवसर, करियर के बेहतर विकल्प के बारे में जानना की उतनी ही उत्सुकता होती है जितना ये सोशल मीडिया में लीन रहते हैं. इंटरनेट और स्मार्टफोन के दौर में पैदा हुई यह पीढ़ी काफी एडवांस है और उसी तरीके से ये अपने करियर से जुड़े फैसले भी लेते हैं.

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Gen Z talks: जनरेशन Z में नब्बे के दशक के अंत में पैदा हुए सभी लोग शामिल हैं. सभी पीढ़ियों की तरह, जनरेशन Z-ers की अपनी खुद की स्लैंग, शब्द हैं जो कभी-कभी पूरी तरह से अलग भाषा की तरह लग सकते हैं. अगर आप जल्दी से समझ नहीं पाते हैं, तो आप खुद को FOMO में पा सकते हैं. आप किसी कॉफी शॉप में हों या किसी रेस्टोरेंट में और कुछ जनरेशन Z के युवा आपस में बातें कर रहे हों लेकिन उनकी कुछ बातें आपकी पल्ले न पड़ रही हो. या आप इसे पूरी तरह बकवास मान रहे हों. लेकिन असल में वे शब्द और वाक्यांश अपने आप में पूरी भाषा हैं जिसका इस्तेमाल जनरेशन Z युवा एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए करते हैं. साल 1997 से लेकर साल 2012 के दौरान जो शख्स दुनिया में आए उनमें विविधताओं के बावजूद कुछ समानता देखी जा सकती है, जो उनको अन्य पीढ़ियों के मुकाबले खास बनाता है. यह पीढ़ी बेहद नई और ग्लोबलाइज्ड पीढ़ी है. इनका नज़रिया, सोचने समझने का तौर तरीका बिल्कुल जुदा है. यहां तक कि इस खासियत की परछाई आप उनकी बातचीत में भी तलाश सकते हैं. इस पीढ़ी का लाइफ स्टाइल, तौर तरीके बोलचाल सब बिल्कुल अलहदा है. दरअसल, इंटरनेट और स्मार्टफोन के दौर में पैदा हुई यह पीढ़ी काफी एडवांस है.लिहाज़ा इस पीढ़ी और इससे पहले की पीढ़ियों में काफी अंतर है. ये पीढ़ी अपने करियर को लेकर काफी ओपन और अवेयर है.

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By Neha Singh

Neha Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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