चांद पर पहुंचा चंद्रयान-3, रांची में गूंजा- जय इसरो, जय एचईसी

रांची की दो संस्थाओं मेकॉन और एचईसी ने लांचिंग पैड को डिजाइन किया. उसके कई महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण भी एचईसी में हुआ. यह तीसरा मौका था जब भारत की अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने चंद्रयान का प्रक्षेपण किया है. इसरो के लिए सबसे बड़े लांचिंग पैड जीएसएलवी को मेकॉन ने तैयार किया.

Chandrayaan 3 Successful : भारत का मिशन चंद्रयान-3 सफल हो गया है. चंद्रयान-3 की सफल सॉफ्ट लैंडिंग चांद की सतह पर हो चुकी है. इसमें झारखंड का बहुत बड़ा योगदान है. राजधानी रांची की दो संस्थाओं मेकॉन और एचईसी ने लांचिंग पैड को डिजाइन किया. उसके कई महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण भी एचईसी में हुआ. यह तीसरा मौका था, जब भारत की अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान का प्रक्षेपण किया है. इसरो के लिए सबसे बड़े लांचिंग पैड जीएसएलवी को मेकॉन ने तैयार किया. इसके उपकरण झारखंड की राजधानी रांची और टाटा में भी बने हैं. मेकॉन ने इसके कॉन्सेप्ट से लेकर कमिशनिंग तक का काम किया. 350 करोड़ रुपये के बजट वाले जीएसएलवी का अनावरण देश के जाने-माने वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था.

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By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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