भगवान बिरसा मुंडा का जन्म खूंटी जिला के उलहातू गांव में 15 नवंबर 1875 को हुआ था. प्रभातखबर डॉट कॉम की टीम ने उलिहातू का दौरा किया. उस जगह पर भी हम गये जहां धरती आबा का जन्म हुआ था. उनकी प्रपौत्र वधू ने धरती आबा के बारे में कई अनकही बातें हमसे शेयर की. उलिहातू का विकास तो हुआ है, लेकिन आज भी बिरसा के वंशज जर्जर मकान में रहने के लिए मजबूर हैं. बिरसा ने जिस मकान में जन्म लिया था, उसे जन्मस्थली के रूप पर्यटक स्थल के रूप में आज विकसित कर दिया गया है, लेकिन उसके ठीक बगल में उनके वंशज जिस घर में रहते हैं, आज भी कच्चा मकान है. उन्हें अबतक पक्के घर नहीं मिल पाये हैं.
Birsa Munda : उलिहातू के इसी घर में जन्मे थे भगवान बिरसा, प्रपौत्र वधू ने बतायी अनोखी बातें
बिरसा ने जिस मकान में जन्म लिया था, उसे जन्मस्थली के रूप पर्यटक स्थल के रूप में आज विकसित कर दिया गया है, लेकिन उसके ठीक बगल में उनके वंशज जिस घर में रहते हैं, आज भी कच्चा मकान है. उन्हें अबतक पक्के घर नहीं मिल पाये हैं.
