VIDEO : रंग लाया विधायक ढुल्लू महतो का प्रयास, कतरास स्टेशन पर रुकेंगी 5 एक्सप्रेस रेलगाड़ियां

कतरास रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए विधायक ढुल्लू महतो की ओर से कतरास में डीजीएमएस कार्यालय के सामने लगातार 13 दिनों तक आंदोलन करने के साथ ही विधानसभा में भी इस मामले को उठाया गया. इसके लिए उन्होंने व्यक्तिगत तरीके से तत्कालीन रेलमंत्री से बातचीत भी की.

धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड के कतरास रेलवे स्टेशन से सफर शुरू करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है और वह यह कि इस स्टेशन पांच नई ट्र्रेनों के ठहराव की मंजूरी मिल गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि बाघमारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ढुल्लू महतो के प्रयास से यह कामयाबी हासिल हुई है. बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति में इस बात की जानकारी दी गई है कि जब से धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड पर 26 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन बंद किया गया था, तब से ही कतरास रेवले स्टेशन पर सभी ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया था.

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कतरास रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए विधायक ढुल्लू महतो की ओर से कतरास में डीजीएमएस कार्यालय के सामने लगातार 13 दिनों तक आंदोलन करने के साथ ही विधानसभा में भी इस मामले को उठाया गया. इसके लिए उन्होंने व्यक्तिगत तरीके से तत्कालीन रेलमंत्री से बातचीत भी की, जिसके परिणामस्वरूप धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड के कतरास रेलवे स्टेशन पर पांच ट्रेनों के ठहराव की मंजूरी दी गई है.

फिलहाल, कतरास रेलवे स्टेशन पर जिन पांच ट्रेनों के ठहराव की मंजूरी मिली है, उनमें रांची-भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस ट्रेन, हटिया-पटना पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, रांची-गोड्डा एक्सप्रेस ट्रेन, कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन और कोलकाता-मंदार एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं.

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By Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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