कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की वाराणसी रैली का एक वीडियो शेयर करने के मामले में बीजेपी प्रवक्ता सांबित पात्रा की मुश्किलें बढ़ सकती है. दरअसल, कांग्रेस ने इस मामले में प्रयागराज में एक तहरीर दी है, जिसमें कहा गया है कि धार्मिक उन्माद फैलाने के उद्देश्य से यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है.
जानकारी के अनुसार इलाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता/कांग्रेस कमेटी लीगल सेल के उपाध्यक्ष रवींद्र सिंह ने भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी है. अधिवक्ता रवींद्र सिंह की तहरीर के मुताबिक प्रियंका गांधी ने 10 अक्टूबर को जगतपुर इंटर कॉलेज वाराणसी में किसान न्याय रैली में हिस्सा लिया था.
तहरीर में आगे कहा कि रैली का शुभारंभ प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने सर्वधर्म प्रार्थना के साथ किया था. लेकिन बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने 14 अक्टूबर को चालाकी से एक वीडियो ट्वीट करते हुए सामाजिक वैमनस्यता फैलाने का कार्य किया. तहरीर के मुताबिक ट्वीट के उक्त वीडियो में केवल एक धर्म विशेष की बाइट काट कर अपने आदमियों के नफ़रत भरे वक्तव्य कांग्रेस पार्टी की नेता की उपस्थिति में केवल अजान कराने की वीडियो पोस्ट की गई.
जबकि सर्वधर्म प्रार्थना में पहले सनातन धर्म, इस्लाम और फिर सिख धर्म से संबंधित प्रार्थना की गई थी. इस कृत्य से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की छवि को धूमिल किए जाने का कृत्य किया गया. अधिवक्ता रवींद्र सिंह ने संबित पात्रा के खिलाफ करवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की मांग किया. इंस्पेक्टर जेपी शाही के मुताबिक तहरीर की जांच की जा रही है.
इनपुट : एसके इलाहाबादी
