झारखंड के खरसावां में ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी, नाटक के जरिए कलाकारों ने परंपरा से जुड़े रहने का दिया संदेश

ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी का उद्घाटन खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने किया. मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि नाट्य संस्थाएं हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं. नाटकों के माध्यम से हमें नई सीख मिलती है. इसमें क्षेत्र की कला, संस्कृति व परंपरा भी समाहित है. ऐसे आयोजन से सामाजिक एकजुटता बनी रहेगी.

Jharkhand News: झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के खरसावां की जोरडीहा पंचायत के बडाबांबो गांव में ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी का उद्घाटन खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने किया. मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि नाट्य संस्थाएं हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं. नाटकों के माध्यम से हमें नई सीख मिलती है. इसमें क्षेत्र की कला, संस्कृति व परंपरा भी समाहित है. विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि ऐसे आयोजन से सामाजिक एकजुटता बनी रहेगी. उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए संस्थान के सदस्यों को बधाई दी तथा हर संभव सहयोग का भरोसा दिया.

नाटक के जरिये अपनी परंपरा नहीं भूलने का दिया संदेश

ओड़िया नाट्य प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि नाटक के आयोजन से सामाजिक एकजुटता बनी रहेगी. नाटकों के माध्यम से हमें नई सीख भी मिलती है. नाटक के जरिए कलाकारों ने जीवन के हर पहलू को उजागर किया. नाटक के माध्यम से कलाकारों ने आधुनिकता की दौड़ में सामाजिक मूल्य, मान्यता, परंपरा व संस्कारों को नहीं भूलने का संदेश दिया. कलाकारों ने नाटक में जीवन के हर उतार-चढ़ाव को दर्शाया. नाटक से पहले कलाकारों ने अपने गीत व संगीत के माध्यम से समां बांध दिया. कलाकारों ने नाटक के जरिये लोगों से अपनी परंपरा को नहीं भूलने का संदेश दिया. नाटक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे.

Also Read: झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला नेशनल पार्क क्षेत्र से पिकअप पर लदी लकड़ी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

नाटक के मौके पर ये थे मौजूद

नाटक के मौके पर मुख्य रूप से नायडू गोप, कृष्णा प्रधान, शुकरा महतो, सानगी हेंब्रम, कार्तिक महतो, महेंद्र नायक, बासुदेव नायक, केदार प्रधान, अजय प्रधान, दशरथ महतो, पंकज महतो, देवेंद्र लागुरी, रंगबाज बेहरा आदि मौजूद थे.

Also Read: Jharkhand News:झारखंड में असुर जनजाति के 40 बच्चों की पढ़ाई चार साल से रुकी, नाम तक नहीं लिख पा रहे बच्चे

रिपोर्ट : शचिंद्र कुमार दाश, खरसावां, सरायकेला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >