Nepal Landslide : नेपाल में भूस्खलन, दो बस मलबे के साथ बही, 7 भारतीय सहित 60 से ज्यादा यात्री लापता

Nepal Landslide : नेपाल में भूस्खलन हुआ जिसके बाद दो बसें मलबे के साथ बह गईं. 65 यात्री लापता हैं जिनकी तलाश जारी है.

नेपाल में एक राजमार्ग पर भूस्खलन के बाद दो बसें मलबे के साथ बह गईं. इस हादसे के बाद 60 से अधिक यात्री लापता हैं. लापता यात्रियों में सात भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस के अनुसार, छह भारतीय लोगों की शिनाख्त संतोष ठाकुर, सुरेंद्र साह, आदित मियान, सुनील, शाहनवाज आलम और अंसारी के रूप में की गई है. हादसे के शिकार एक अन्य भारतीय की पहचान किया जाना अभी बाकी है.

प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नारायणगढ़-मुग्लिन सड़क खंड पर भूस्खलन में बस के बह गई. इसमें लगभग पांच दर्जन यात्रियों के लापता होने की खबर है. देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण संपत्तियों के नुकसान से मैं बहुत दुखी हूं. मैंने गृह प्रशासन सहित सरकार की सभी एजेंसियों को यात्रियों की खोज और प्रभावी बचाव का निर्देश दिया हूं.

उफनाई त्रिशूली नदी में बह गईं बसें

न्यूज पोर्टल ‘माईरिपब्लिका’ की खबर के अनुसार, 65 यात्रियों को ले जा रही दो बसें नेपाल के चितवन जिले के सिमलताल इलाके में नारायणघाट-मुगलिंग मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आने के बाद उफनाई त्रिशूली नदी में बह गईं. चितवन के मुख्य जिला अधिकारी इंद्र देव यादव ने हादसे की पुष्टि कर दी है. बचावकर्मी भूस्खलन के मलबे को हटाने का काम कर रहे हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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