मंईयां सम्मान योजना : हेमंत सोरेन 56 लाख महिलाओं के खाते में इस दिन ट्रांसफर करेंगे 1400 करोड़ रुपए

Maiya Samman Yojana 5th Instalment Date: झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (मैया सम्मान योजना) की 5वीं किस्त की तारीख तय हो गई है. हेमंत सोरेन 56 लाख महिलाओं के खाते में किस दिन 2500 रुपए ट्रांसफर करेंगे, डेट जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट.

Maiya Samman Yojana 5th Instalment Date: ‘मंईयां सम्मान योजना’ की लाभुकों के लिए खुशखबरी. झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत मिलने वाले 2500 रुपए के वितरण की तारीख तय हो गई है. हालांकि, कुछ महिलाओं के खाते में यह राशि पहुंच भी गई है, लेकिन इनकी संख्या बहुत कम है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एकमुश्त 56 लाख महिलाओं के खाते में मंईयां सम्मान योजना के तहत 2500-2500 रुपए (कुल 1400 करोड़ रुपए) 6 जनवरी 2025 को ट्रांसफर करेंगे. यह कार्यक्रम 28 जनवरी को होने वाला था, लेकिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन की वजह से इस कार्यक्रम को टाल दिया गया है. अब 6 जनवरी को नामकुम के खोजाटोली मैदान से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस योजना की हर लाभुक के खाते में 2500 रुपए ट्रांसफर करेंगे. 26 और 27 दिसंबर 2024 को टेस्ट के तौर पर हर जिले की कुछ महिलाओं के खाते में मंईयां सम्मान योजना की राशि भेजी गई थी.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की थी समीक्षा बैठक

मंईयां सम्मान योजना की बढ़ी हुई राशि के वितरण की तैयारी जोर-शोर से चल रही थी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी कर ली थी. निर्देश दिया था कि कार्यक्रम भव्य होना चाहिए. सभी जिलों से मंईयां सम्मान योजना की लाभुकों को लाने और ले जाने की व्यवस्था की जाए. रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने नामकुम स्थित खोजाटोली मैदान में जाकर तैयारियों का जायजा लिया था. पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे.

मंईयां सम्मान योजना की राशि 1000 से बढ़कर हुई 2500

हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 से पहले इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की थी. सरकार ने 18 से 50 साल तक की महिलाओं को 1,000 रुपए देना शुरू किया था. चुनाव के पहले सरकार ने वादा किया था कि फिर से सत्ता में लौटे, तो इस राशि को बढ़ाकर 2,500 रुपए कर देंगे. महिलाओं के वोट की बदौलत हेमंत सोरेन की सरकार लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटी. अब सरकार अपना वादा पूरा कर रही है. मंईयां सम्मान योजना की लाभुकों के खाते में 1000 रुपये की बजाय ब 2500 रुपए ट्रांसफर करने जा रही है.

इसे भी पढ़ें

LPG Cylinder Price: देवघर, बोकारो समेत झारखंड के 10 बड़े शहरों में आज एलपीजी सिलेंडर की कीमत क्या है?

न्यू ईयर के जश्न में डूबा पलामू, पर्यटन स्थल हुए गुलजार, देखें PHOTOS

Jharkhand Ka Mausam: ठंड से ठिठुर रहा झारखंड, 15 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >