Kanpur News: कानपुर नगर निगम के जलकल विभाग कर्मचारी का संस्थान में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में कर्मचारी ने बताया कि जोन दो में व्यापक भ्रष्टाचार वर्ष 2016 से आज तक फैला हुआ है. तत्कालीन अधिशासी अभियंता जोन दो के भद्रा जी को तत्कालीन मंत्री आजम खान द्वारा सस्पेंड भी किया गया था. उन्होंने वर्ष 2018 में रिटायर होने से पहले जोन 2 का पूरा खजाना खाली कर दिया था और करोड़ों की लाइन मछरिया आदि क्षेत्रों में डलवा कर बंदरबांट कर लिया था.
विकास के नाम पर हो रहा विनाश
कर्मचारी ने बताया कि विकास के नाम पर विनाश हो रहा है और सरकारी धन का बंदरबांट हो रहा है. जोन दो में ठेकेदारों का हर समय बोलबाला रहता है. विभाग कमीशन बाजी में लिप्त है. एक कार्य की कई फाइलें बनायी जाती हैं और फर्जी भुगतान कराकर बंदरबांट किया जाता है. जोन दो में निखिल बहादुर सिंह बाबू हैं. वर्षों पहले जाजमऊ क्षेत्र में तैनाती के दौरान सरकारी रुपये का गबन किया था.
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मामला प्रकाश में आने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
वीडियो में कर्मचारी कहता है, मामला प्रकाश पर आने पर अधिकारियों की मेहरबानी से कोई भी कार्यवाही नहीं हुई थी. उक्त बाबू द्वारा गमन किए गए रुपयों को भुगतान कर दिया गया था. उक्त बाबू जोन दो में है और विभागीय अधिकारी इस कदर मेहरबान है कि उक्त बाबू को अकाउंट का चार्ज, बाबू का चार्ज, कैश अनुभाग, तीनों पदों की कुर्सियों पर बैठा दिया है, जिसमें उक्त बाबू के हस्ताक्षर होते हैं.
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हर वर्ष जोन दो में लाखों रुपये डकारे जाते हैं
वीडियो में कर्मचारी कहते हुए नजर आता है, हर वर्ष जोन दो में पुताई, मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये डकारे जाते हैं. फर्जी फाइल बिल बनाकर भुगतान होता है. केडीए द्वारा कई हस्तगत कालोनियों के विकास के लिए करोड़ों रुपये जोन दो को विकास के लिए दिए गए, लेकिन इसका भी बंदर बांट कर लिया गया है. कोई हिसाब लेने वाला नहीं है. यहां अधिकारियों बाबुओं की मनमानी का एकछत्र राज चलता नजर आ रहा है.
जीरो टॉलरेंस की नीति दम तोड़ती हुई नजर आती है
वायरल वीडियो में कर्मचारी कहता है, सुरेश चंद कनौजिया नाम का बाबू रिटायरमेंट के बाद भी ठेकेदारों की फर्जी फाइलें बनाने विभाग में आते हैं, जो जग जाहिर है. अब देखना है कि एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई कर सख्त संदेश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ जलकल विभाग में भ्रष्टाचारियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति दम तोड़ती नजर आ रही है.
रिपोर्ट- आयुष तिवारी, कानपुर
