Hartalika Teej 2020 Puja Vidhi, Muhurat, Time: कुछ ही देर में शुरू हो जाएगा सुहागिनों का निर्जला व्रत खोलने का समय, यहां जानें पारण करने के लिए 1 घंटा 38 मिनट है उत्तम समय ...

Hartalika Teej 2020 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List, Mantra, Puja Time, Vrat Katha in Hindi : हरतालिका (हरितालिका) तीज व्रत आज है. यह व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. शुक्रवार की सुबह 4 बजकर 14 मिनट से तृतीया तिथि शुरू हो गई है, तृतीया तिथि शुक्रवार की रात 01 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. इस दिन पार्वती जी ने निर्जला व्रत रखकर शिव जी को प्राप्त किया था. इसलिए इस दिन शिव पार्वती की पूजा का विशेष विधान है, जो कुंवारी कन्याएं अच्छा पति चाहती हैं या जल्दी शादी की कामना करती हैं उन्हें भी व्रत रखना चाहिए. व्रत रखने पर कुंवारी कन्याओं को मनचाहा पति प्राप्त होता है. महिलाएं आज सुबह से रात 1 बजकर 59 मिनट तक यानी पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर और अगले दिन शनिवार की सुबह स्नान करने के बाद पारण करेंगी. आइए जानते है इस व्रत से जुड़ी पूरी जानकारी और पूजा विधि...

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6:10 AM. 22 Aug 20 6:10 AM. 22 Aug

जानें हरितालिका तीज व्रत का पारण करने का शुभ समय

इस व्रत का पारण द्वितीय दिन चतुर्थी तिथि में किया जाता है. इस वर्ष सुबह चतुर्थी तिथि विद्यमान है. सूर्योदय के पश्चात काल बेला होने से 7 बजकर 12 मिनट के बाद से 8 बजकर 50 मिनट से पहले पारण का उत्तम समय है.

जलेबी का सेवन कर व्रत खोलने की है परंपरा

हरितालिका तीज व्रत का पारण करने की शहर में एक खास परंपरा है. यानी व्रत के अगले दिन ताजी जलेबी और दही सेवन कर महिलाएं पारण करती हैं. शनिवार को बाजार बंद होने से जलेबी मिलना मुश्किल होगा. जलेबी के बजाय मेवा और चासनी से तैयार विशेष मिष्ठान का सेवन कर पारण की जा सकती है. महिलाएं घर पर ही पकवान तैयार करके पारण करेंगी.

6:57 PM. 21 Aug 20 6:57 PM. 21 Aug

पूजा के बाद कथा सूनना न भूलें

विधि-विधान से पूजा के बाद के बाद कथा सुनना ना भूलें और रात्रि जागरण जरूर करें. आरती के बाद सुबह माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं व ककड़ी-हलवे का भोग लगाकर व्रत खोलें.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

भगवान शिव जी की आरती

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥

11:02 AM. 21 Aug 20 11:02 AM. 21 Aug

माता पार्वती की आरती

जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।

ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता।।

जय पार्वती माता…

अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता।

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।

जय पार्वती माता…

सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा।

देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।।

जय पार्वती माता…

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता।

हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।।

जय पार्वती माता…

शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता।

सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।।

जय पार्वती माता…

सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता।

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।

जय पार्वती माता…

देवन अरज करत हम चित को लाता।

गावत दे दे ताली मन में रंगराता।।

जय पार्वती माता…

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता।

सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।।

जय पार्वती माता…

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

मनचाहे जीवनसाथी के लिए अपनाएं ये उपाय 

– आज शाम को शिव-पार्वती के मंदिर में जाकर पूजा करें और शुद्ध घी के 11 दीपक जलाएं. इस उपाय से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा जीवनसाथी मिल सकता है.

– कुंवारी ब्राह्मण कन्या को उसके पसंद के कपड़े दिलवाएं और साथ में कुछ उपहार भी दें.

– माता पा‌र्वती को हल्दी की 11 गांठ चढ़ाने से लड़की के विवाह के योग बन सकते हैं.

– भगवान शिव-पार्वती का अभिषेक दूध में केसर मिलाकर करें, इससे भी पति-पत्नी में प्रेम बना रहता है.

– इस दिन पति-पत्नी सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद किसी शिव-पार्वती मंदिर में जाएं और लाल फूल अर्पित करें.

– हरितालिका तीज पर पूजा करने के बाद देवी पार्वती को खीर का भोग लगाएं.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

तीज व्रत के दौरान ऐसे करें पूजा

– हरितालिका तीज पर बालू रेत से भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाएं.

– इन प्रतिमाओं को एक चौकी पर स्थापित कर दें.

-इसके बाद उस चौकी पर चावलों से अष्टदल कमल बनाएं, इसी पर कलश की स्थापना करें.

-कलश में जल, अक्षत, सुपारी और सिक्के डालें. साथ ही आम के पत्ते रखकर उस पर नारियल भी रखें. यह सब कलश स्थापित करने से पहले करें.

– फिर चौकी पर पान के पत्ते रखें. इस पर अक्षत भी रखें. फिर भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती को स्नान कराएं.

– अब उनके आगे घी का दीपक और धूप जलाएं. फिर गणेश जी और माता पार्वती को कुमकुम का तिलक और शिव शंकर को चंदन का तिलक लगाएं.

– तिलक करने के बाद फूल व माला चढ़ाएं. शिव जी सफेद फूल अर्पित करें.

– भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं. शिव जी को बेलपत्र, धतूरा, भांग और शमी के पत्ते अर्पित करें.

– गणेश जी और माता पार्वती को पीले चावल अर्पित करें. शिव जी को सफेद चावल अर्पित करें.

– सभी भगवानों को कलावा चढ़ाएं. फिर गणेश जी और भगवान शिव को जनेऊ अर्पित करें.

– माता पार्वती को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें.

– सभी को फल अर्पित करें.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

व्रत के दौरान क्या करना चाहिए 

निराहार रहकर व्रत करें.

रात्रि जागरण कर भजन करें.

बालू के शिवलिंग की पूजा करें.

सखियों सहित शंकर-पार्वती की पूजा आज रात में करें.

पत्ते उलटे चढ़ाना चाहिए तथा फूल व फल सीधे चढ़ाना चाहिए.

हरतालिका तीज की कथा श्रवण करें.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

घर पर ही बनाएं शिव-पार्वती की प्रतिमा

घर पर ही मिट्टी या बालू की भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर उनकी पूजा की जाती है. इसके साथ ही सोलह शृंगार की सामग्री मां पार्वती को अर्पण कर अखंड सुहाग की कामना करें.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

तीज पर चार प्रहर की जाती है पूजा

यह व्रत निराहार और निर्जला किया जाता है, इसलिए इस व्रत को सबसे कठिन व्रत में माना जाता है. इस व्रत में व्रती को शयन निषेध है. रात में भजन कीर्तन के साथ रात्रि जागरण करें. इस व्रत में सायं के पश्चात चार प्रहर की पूजा करते हुए रातभर भजन-कीर्तन, जागरण किया जाता है. दूसरे दिन सुबह सूर्योदय के समय व्रत संपन्न होता है.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

तीज पर हरे रंग का है विशेष महत्व

हरितालिका तीज व्रत में दुल्हन की तरह सजें और हरे कपड़े और जेवर पहनें. व्रती महिलाओं को पानी नहीं पीना चाहिए. हरितालिका व्रत निर्जला रखी जाती है. इस दिन मेहंदी लगवाना शुभ माना जाता है. नवविवाहित महिलाएं अपनी पहली तीज पर मायके जाती हैं.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

महिलाओं का करना चाहिए सम्मान

आज हरतालिका तीज है. इस दिन पति को स्त्रियों का सहयोग करना चाहिए, उनका सम्मान करें और इस दिन पति अपनी पत्नी के लिए अच्छे संदेश दें. बोलते समय अपशब्दों का बिल्कुल प्रयोग न करें. पत्नी का सहयोग करें और उनकी पूजा में शामिल भी हों.

5:41 AM. 21 Aug 20 5:41 AM. 21 Aug

कुंवारी कन्याएं भी रखती हैं निर्जला व्रत

इस दिन पार्वती जी ने निर्जला व्रत रखकर शिव जी को प्राप्त किया था. इसलिए इस दिन शिव पार्वती की पूजा का विशेष विधान है. जो कुंवारी कन्याएं अच्छा पति चाहती हैं या जल्दी शादी की कामना करती हैं उन्हें भी आज के दिन व्रत रखना चाहिए. इससे उनके विवाह का योग बन जाएगा.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

अखंड सुहाग के लिए निर्जला तीज व्रत

अखंड सुहाग की मनोकामना लेकर आज विवाहित महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रख रही हैं. दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को महिलाएं माता पार्वती संग भगवान शंकर की उपासना कर तीज व्रत कथा का श्रवण करती हैं. पति की दीर्घायु होने की कामना के साथ पूरी श्रद्धाभाव से पूजा अर्चना की जाती है.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

मां पार्वती को क्या चढ़ाना चाहिए

पौराणिक मान्यता के अनुसार, हरतालिका तीज के लिए सुहागिन महिलाओं को व्रत के बाद शुभ मुहूर्त में पूजा के समय मां पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ानी चाहिए. इस तरह सिंदूर, इत्र, लाल चुनरी, बिंदी, काजल, लिपिस्टिक, गले का हार, कंघी, शीशा, तेल, नाखून पेंट, चूड़ियां, मेहंदी, कानों के झुमके, नाक की लौंग, कमरबंद, बिछुए, पायल, महावर जैसी सुहाग की निशानी को मां को अर्पित करें.

9:43 PM. 20 Aug 20 9:43 PM. 20 Aug

Hartalika Teej 2020: Shiv Parvati Image

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त

सुहागिनों का त्योहार हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. शुक्रवार को तीज का व्रत है. हरितालिका तीज व्रत को प्रदोषकाल में किया जाता है. इस दिन घर में मिट्टी या बालू से भगवान शिव और मां पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजा होती है. सुहागिनें सोलह शृंगार के साथ मां पार्वती अखंड सुहाग का वरदान मांगती हैं.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

हरतालिका तीज की पूजन सामग्री

हरतालिका तीज की पूजा में, गीली मिट्टी या फिर रेत, लकड़ी की चाैकी, कलश केले का पत्ता, फल, नारियल, लाल व पीले रंग के फूल, बेल पत्र, धतूरा, शमी पत्र, अकांव का फूल, तुलसी की पत्ती, जनेउ, नया वस्त्र, देशी घी, तेल, दीपक, कपूर, कुमकुम, सुपारी, सिंदूर, अबीर, चन्दन आदि को शामिल किया जाता है. पंचामृत, घी, दही, शक्कर, दूध, शहद, मिठाई भी भगवान शिव और माता पार्वती को अपर्ण किया जाता है. इसके अलावा माता गौरी के लिए पूरा सुहाग का सामान जैसे बिंदी, चूड़ी, बिछिया, आलता, काजल, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, माहौर, मेहंदी, लिपिस्टिक, शीशा, कंघा आदि चढ़ाया जाता है.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

तीज के अवसर पर पूजन विधि

इस दिन प्रातः काल दैनिक क्रिया से स्नान आदि से निपट कर रखने का विधान है. स्त्रियां उमा- महेश्वर सायुज्य सिद्दये हरतालिका व्रत महे करिष्ये संकल्प करके कहें कि हरतालिका व्रत सात जन्म तक राज्य और अखंड सौभाग्य वृद्धि के लिए उमा का व्रत करती हूं फिर गणेश का पूजन करके गौरी सहित महेश्वर का पूजन करें. इस दिन स्त्रियों को निराहार रहना होता है. संध्या समय स्नान करके शुद्ध व उज्ज्वल वस्त्र धारण कर पार्वती तथा शिव की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजन की सम्पूर्ण सामग्री से पूजा करनी चाहिए. सांय काल स्नान करके विशेष पूजा करने के पश्चात व्रत खोला जाता है.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

हरितालिका तीज व्रत के हैं कड़े नियम

– यदि कोई भी कुंवारी या विवाहित महिला एक बार इस व्रत को रखना प्रारंभ कर देती हैं तो उसे जीवनभर यह व्रत रखना ही होता है. बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है.

– इस व्रत में किसी भी प्रकार से अन्न-जल ग्रहण नहीं किया जाता है. अगले दिन सुबह पूजा के बाद जल पीकर व्रत खोलने का विधान है.

– इस व्रत में महिलाओं को रातभर जागना होता है और जागकर मिट्टी के बनाए शिवलिंग की प्रहर अनुसार पूजा करना होती है और रात भर जागकर भजन-कीर्तन किया जाता है.

– जिस भी तरह का भोजन या अन्य कोई पदार्थ ग्रहण कर लिया जाता है तो अन्न की प्रकृति के अनुसार उसका अगला जन्म उस योनि में ही होता है.

– इस व्रत के दौरान हरतालिका तीज व्रत कथा को सुनना जरूरी होता है. मान्यता है कि कथा के बिना इस व्रत को अधूरा माना जाता है.

5:51 PM. 21 Aug 20 5:51 PM. 21 Aug

क्यों रखती हैं महिलाएं हरितालिका तीज व्रत

हरितालिका तीज व्रत में विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की अराधना करती हैं जबकि कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए इस व्रत को रखती हैं.

4:58 PM. 20 Aug 20 4:58 PM. 20 Aug

तृतिया के दिन पार्वती जी को मिला था वरदान

शास्त्रों के अनुसार भादो के शुक्ल तृतीया-चतुर्थी के दिन भोलेनाथ ने प्रसन्न होकर मां पार्वती को यह वरदान दिया था कि इस तिथि को जो भी सुहागिन अपने पति के दीघार्यु की कामना के साथ पूजन व व्रत और जागरण करेंगी. उनपर भगवान शिव प्रसन्न होते है.

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निर्जला व्रत के साथ विशेष पूजा 

हरितालिका तीज व्रत से एक दिन पहले गुरुवार यानि को व्रती महिलाओं ने नहाय-खाय किया. इस दिन स्नान करके अरवा चावल, सब्जी आदि सेवन किया जाता है. महिलाएं शुक्रवार को चौबीस घंटे तक निर्जला और निराहार व्रत रख रही हैं. इस दौरान महिलाएं भगवान शंकर और माता पार्वती की रेत की मूर्ति बनाकर उसे फूलों से सजाकर पूजा करती हैं.

4:58 PM. 20 Aug 20 4:58 PM. 20 Aug

तीज व्रत की पूजा के समय माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का उच्चारण करें और उनको सुहाग की सामग्री आदि अर्पित करें

ओम शिवाये नम:।

ओम उमाये नम:।

ओम पार्वत्यै नम:।

ओम जगद्धात्रयै नम:।

ओम जगत्प्रतिष्ठायै नम:।

ओम शांतिरूपिण्यै नम:।

3:29 PM. 20 Aug 20 3:29 PM. 20 Aug

जानें इस व्रत का नाम कैसे पड़ा हरितालिका व्रत

पार्वती जी भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही थी. इस दौरान पार्वती जी की सखियों ने उनकी मदद करने के लिए एक विशेष योजना बनाई. सखियां उनका अपहरण करके उन्‍हें जंगल में ले गईं ताकि उन्‍हें विष्‍णुजी से विवाह न करना पड़े. सखियों ने उनका हरण किया इसलिए इस व्रत का नाम हरतालिका तीज पड़ गया. जंगल में जाकर पार्वतीजी ने शिवजी को पति के रूप में पाने के लिए उनकी तपस्‍या करना शुरू कर दिया. फिर शिवजी ने उन्‍हें दर्शन दिए और उन्‍हें पत्‍नी के रूप में स्‍वीकार किया. पार्वतीजी की इस तपस्‍या को देखकर ही महिलाओं को हरतालिका तीज का व्रत करने की प्रेरण मिली.

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हरतालिका तीज व्रत का तरीका

हरतालिका तीज का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक है. इस व्रत में अन्न और जल का त्याग किया जाता है. तीज की पूजा रात में भी की जाती है. इस व्रत के दौरान महिलाओं को मन में शुद्ध विचार रखना चाहिए. इस दिन बुराई, लोभ और क्रोध से बचना चाहिए. इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान लगाना चाहिए.

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बिना पानी पीए किया जाता है यह व्रत

हरितालिका तीज व्रत में जल ग्रहण नहीं किया जाता है. व्रत के बाद अगले दिन जल ग्रहण करने का विधान है. वहीं, हरतालिका तीज व्रत करने पर इसे छोड़ा नहीं जाता है. प्रत्येक वर्ष इस व्रत को विधि-विधान से करना चाहिए. हरतालिका तीज व्रत के दिन रात्रि जागरण किया जाता है. रात में भजन-कीर्तन करना चाहिए. इस व्रत को कुंवारी कन्या, सौभाग्यवती स्त्रियां करती हैं.

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पूजन में चढ़ाई जाती है सुहाग सामग्री

हरितालिका तीज व्रत में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है. इस दौरान माता पार्वती को सुहाग सामग्री चढ़ाई जाती है, जिसमें मेहंदी, चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, माहौर, श्रीफल, कलश, अबीर, चंदन, घी-तेल, कपूर, कुमकुम और दीपक शामिल है.

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पूजा के समय इन मंत्र का करें जाप

ऊँ उमायै नम:, ऊँ पार्वत्यै नम:, ऊँ जगद्धात्र्यै नम:, ऊँ जगत्प्रतिष्ठयै नम:, ऊँ शांतिरूपिण्यै नम:, ऊँ शिवायै नम:।

ऊँ हराय नम:, ऊँ महेश्वराय नम:, ऊँ शम्भवे नम:, ऊँ शूलपाणये नम:, ऊँ पिनाकवृषे नम:, ऊँ शिवाय नम:, ऊँ पशुपतये नम:, ऊँ महादेवाय नम:।

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हरितालिका तीज पूजा विधि

हरितालिका तीज व्रत में मां पार्वती और शिव जी की पूजा की जाती है. हरतालिका तीज के लिए भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की बालू रेत व काली मिट्टी की प्रतिमा बना लें. इसके बाद पूजास्थल को फूलों से सजा लें और एक चौकी रखें और उस चौकी पर केले के पत्ते रखकर भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा रखें. फिर देवताओं का आह्वान करते हुए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का पूजन करें. सुहाग की वस्तुएं माता पार्वती को चढ़ाएं और शिव जी को धोती और अंगोछा चढ़ाया जाता है. इस सुहाग सामग्री को सास के चरण स्पर्श करने के बाद किसी ब्राह्मणी और ब्राह्मण को दान कर दें. पूजन के बाद हरतालिका तीज व्रत कथा पढ़ें या सुने और रात्रि में जागरण करें. फिर अगले दिन सुबह माता पार्वती को सिन्दूर चढ़ाएं व ककड़ी-हलवे का भोग लगाकर व्रत का पारण कर लें.

3:29 PM. 20 Aug 20 3:29 PM. 20 Aug

इस दिन 16 श्रृंगार का है विशेष महत्व

हरितालिका तीज का व्रत करने वाली महिलाओं को नए कपड़े पहनने चाहिए. क्योंकि यह बेहद जरूरी है कि साफ-सुथरे और शुद्ध कपड़े पहनकर ही पूजा की जाए. तीज में सबसे ज्यादा हरे रंग की साड़ी पहनी जाती है. तीज पूजा शिव जी के लिए की जाती है और भगवान शिव को हरे रंग प्रिय है. इस दिन महिलाएं रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर सोलह श्रृंगार करती हैं. हरितालिका व्रत के दौरान 16 श्रृंगार का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन महिलाएं हाथों में मेहंदी भी लगाती हैं, जिसे सुहाग की निशानी माना जाता है.

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हरितालिका व्रत के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां

इस व्रत के दौरान व्रती महिलाओं को रात में सोना नहीं चाहिए. इस दिन महिलाएं मिलकर भजन करके रात भर जागरण करती हैं.

– हरतालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं को क्रोध व चिड़चिड़ाहट इस दिन नहीं करनी चाहिए. मन को शांत रखने के लिए मेंहदी लगाई जाती है.

– मान्यता है कि तीज का व्रत निर्जला करना चाहिए, इस दौरान कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए.

– इस दिन मांसाहार करने वाली लड़कियों को घोर श्राप मिलता है, इसलिए इस दिन मांसाहार से दूर रहें.

– व्रत के दौरान किसी भी महिला को दूध का सेवन नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से अगले जन्म में सर्प योनि में जन्म मिलता है.

– इस दिन घर के बुजुर्गों को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए और उन्हें दुखी नहीं करना चाहिए. ऐसा करने वाले लोगों को अशुभ फल मिलता है.

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दो तरीके से रखा जाता है हरितालिका तीज व्रत

हर​तालिका तीज व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना जाता है. यह व्रत बेहद ही कठिन व्रत होता है. इसे दो प्रकार से किया जाता है. एक निर्जला और दूसरा फलहारी. निर्जला व्रत में पानी नहीं पीते है, इसके साथ ही अन्न या फल कुछ भी ग्रहण नहीं करते हैं, वहीं फलाहारी व्रत रखने वाले लोग व्रत के दौरान जल पी सकते हैं और फल का सेवन करते हैं, जो कन्याएं निर्जला व्रत नहीं कर सकती हैं तो उनको फलाहारी व्रत करना चाहिए.

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हरितालिका तीज व्रत का महत्व

हरितालिका तीज व्रत को फलदायी माना जाता है. उत्तर भारत में इस व्रत की बहुत अधिक महत्व है. अगर कोई कुंवारी कन्याएं अपने विवाह की कामना के साथ इस व्रत को करती है तो भगवान शिव के आशीर्वाद से उसका विवाह जल्द हो जाता है. साथ ही यह भी कहा जाता है कि अगर कोई कुंवारी कन्या मनचाहे पति की इच्छा से हरतालिका तीज व्रत रखती है तो भगवान शिव के वरदान से उसकी इच्छा पूर्ण होती है. मान्यता है जो महिलाएं इस व्रत को सच्चे मन से करती हैं उसे अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान में मनाया जाता है. वहीं, कुछ दक्षिणी राज्यों में इस व्रत को गौरी हब्बा के नाम से भी जाना जाता है.

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ऐसे की जाती है हरितालिका तीज में पूजा

हरतालिका पूजा के लिए सुबह का समय बहुत शुभ माना जाता है. हालांकि यदि किसी कारणवश यदि प्रातः काल के मुहूर्त में पूजा नही हो पाती है तो फिर प्रदोषकाल में पूजा की जा सकती है. हरतालिका तीज पर पूरा दिन निर्जला व्रत रखने के बाद शाम के समय चौकी पर मिट्टी के शिव-पार्वती व गणेश जी की पूजा की जाती हैं. पूजा के समय सुहाग का सामान, फल पकवान, मेवा व मिठाई आदि चढाई जाती है. पूजन के बाद रात भर जागरण किया जाता है, इसके बाद दूसरे दिन सुबह गौरी जी से सुहाग लेने के बाद व्रत तोड़ा जाता है.

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हरितालिका तीज व्रत की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

हरितालिका तीज व्रत का विशेष महत्व है. माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए यह कठिन व्रत रखा था, इसके बाद से महिलाओं द्वारा इस दिन व्रत और पूजन करने की परंपरा है. हरतालिका तीज व्रत 21 अगस्त यानि कल है. हरतालिका तीज की पूजा मूहूर्त में होनी शुभ होती है. ऐसे में 21 अगस्त को सुबह हरतालिका पूजा मूहूर्त सुबह 5 बजकर 54 मिनट से सुबह 08 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. वहीं दूसरा प्रदोषकाल में हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मूहूर्त शाम 06 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर रात 09 बजकर 06 मिनट तक रहेगा.

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जानें क्यों रखा जाता है हरितालिका व्रत

हरितालिका तीज व्रत कल है. मान्यता है कि देवी पार्वती की सहेली उन्हें उनके पिता के घर से हर कर घनघोर जंगलों में ले आई थी, इसलिए इस दिन को हरतालिका कहते हैं. यहां हरत का मतलब हरण और आलिका का मतलब सहेली या सखी है. इसीलिए इस व्रत का नाम हरतालिका व्रत कहा जाता है. उस दिन भगवान शंकर ने पार्वती जी को यह कहा कि जो कोई भी स्त्री इस दिन परम श्रद्धा से व्रत करेगी उसे तुम्हारी तरह ही अचल सुहाग का वरदान प्राप्त होगा.

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जानें किस नक्षत्र में पूजा करने का है विशेष महत्व

आज द्वितीया तिथि है. द्वितीया तिथि आज गुरुवार को सुबह 6 बजकर 18 मिनट से शुरू हो गया है. वहीं, रात 4 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. जिसमें महिलाएं पूरे दिन समयानुसार नहाय खाय का कार्य कर सकती हैं. भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है. आज नहाय खाय के साथ कल व्रत रखा जाएगा. हरितालिका तीज व्रत निराहार और निर्जला किया जाता है.

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हरितालिका व्रत का है विशेष महत्व

हरितालिका तीज व्रत कुंवारी और सौभाग्यवती महिलाएं करती हैं. इसमें भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है. हरितालिका तीज व्रत निराहार और निर्जला किया जाता है. इस दिन श्रृंगार का महत्व बहुत अधिक होता है. कुंवारी युवतियां मनचाहे जीवनसाथी की कामना से व्रत करती हैं. साथ ही जिन कन्याओं का विवाह लंबे समय से नहीं हो पा रहा है वह भी अगर हरितालिका तीज व्रत करती हैं तो जल्द ही उनके विवाह के योग बन जाते हैं. मान्यता है कि इस व्रत को सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए किया था.

मुख्य बातें

Hartalika Teej 2020 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List, Mantra, Puja Time, Vrat Katha in Hindi : हरतालिका (हरितालिका) तीज व्रत आज है. यह व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. शुक्रवार की सुबह 4 बजकर 14 मिनट से तृतीया तिथि शुरू हो गई है, तृतीया तिथि शुक्रवार की रात 01 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. इस दिन पार्वती जी ने निर्जला व्रत रखकर शिव जी को प्राप्त किया था. इसलिए इस दिन शिव पार्वती की पूजा का विशेष विधान है, जो कुंवारी कन्याएं अच्छा पति चाहती हैं या जल्दी शादी की कामना करती हैं उन्हें भी व्रत रखना चाहिए. व्रत रखने पर कुंवारी कन्याओं को मनचाहा पति प्राप्त होता है. महिलाएं आज सुबह से रात 1 बजकर 59 मिनट तक यानी पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर और अगले दिन शनिवार की सुबह स्नान करने के बाद पारण करेंगी. आइए जानते है इस व्रत से जुड़ी पूरी जानकारी और पूजा विधि…

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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