शोले फिल्म में गब्बर की वजह से जोड़ा गया था सांभा का रोल, जावेद अख्तर ने सुनाया था दिलचस्प किस्सा

बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर गीतकार, शायर और पटकथा लेखक जावेद अख्तर आज अपना 78वां जन्मदिन मना रहे हैं. उन्होंने स्क्रीन राइटर के तौर पर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग जगह बनाई है. यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी.

जावेद अख्तर आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है. उन्होंने स्क्रीन राइटर और लिरिस्ट के तौर पर हिंदी सिनेमा में एक अलग जगह बनाई. शौहरत हासिल करने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी. एक इंटरव्यू में उन्होंने आइकॉनिक फिल्म शोले को लेकर एक मजेदार किस्सा सुनाया था, जो शायद ही आपको पता हो.

शोले फिल्म के हर एक किरदार को दर्शक काफी ज्यादा पसंद करते हैं. फिल्म में गब्बर और सांभा के किरदार को भुलाया नहीं जा सकता है, लेकिन क्या आपको पता है कि जब इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी, तो उसमें सांभी का रोल था ही नहीं.

इसके पीछे की कहानी बताते हुए जावेद अख्तर ने खुलासा किया था कि गब्बर फिल्म में विलेन था और हर बदमाश के पास कोई न कोई चमचा होता ही है, तो मैंने सोचा यहां भी कुछ ऐसा ही किया जाए.

जावेद अख्तर ने कहा, इस फिल्म में एक फेमस डायलॉग था, ‘कितना इनाम रखे है सरकार हम पर? ये कुछ जम नहीं रहा था. इसके बाद मैंने सोचा, क्यों न सांभा का किरदार इसमें जोड़ दिया जाए और फिर मैंने स्क्रिप्ट को सुधारते हुए लिखा, अरे ओ सांभा, कितना इनाम रखे है, सरकार हम पर? इस पर सांभा कहता है, पूरे पचास हजार.

फिर क्या था जावेद अख्तर का दिया हुआ ये डायलॉग इतना फेमस हो गया कि आज भी लोगों के जुबान पर है. इंस्टाग्राम पर लोग इससे रील्स बनाते हैं. बता दें कि 1975 में रिलीज हुई शोले सुपरहिट रही थी.

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लेखक के बारे में

By Ashish Lata

आशीष लता, प्रभात खबर.कॉम में एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं. फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी बड़ी खबरों को ब्रेक करने से लेकर बेबाक विश्लेषण और ट्रेंडिंग रिपोर्टिंग में इनकी खास पहचान है. इनका लेखन फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, कलाकारों के इंटरव्यू और गॉसिप अपडेट्स तक फैला हुआ है. मनोरंजन की दुनिया को दर्शकों की नब्ज के हिसाब से सरल और रोचक अंदाज में पेश करना इनकी विशेषता है.

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