Hanuman Roop: अगर दिख जाए हनुमान जी के तीन रूप तो होता है ये असर, जाने कैसा बीतेगा दिन

आज हम यहां बात करने जा रहे हैं हनुमान जी के तीन रूपों के बारे में, जिन्हें आप अगर देख लें तो आपका दिन और आने वाला समय कैसा रहेगा. आइए जानें ज्योतिषाचार्य माखन पंडित इसके बारे में क्या कहते हैं

हिंदू धर्म में बजरंग बलि का विशेष महत्व है. भक्त पूरी श्रद्धा-भाव से हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं. कहते हैं मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं. कहते हैं मंगलवार के दिन व्रत करने से नेगेटिव एनर्जी दूर रहती हैं और बुरी शक्तियों का नाश होता है. आज हम यहां बात करने जा रहे हैं हनुमान जी के तीन रूपों के बारे में, जिन्हें आप अगर देख लें तो आपका दिन और आने वाला समय कैसा रहेगा. आइए जानें ज्योतिषाचार्य माखन पंडित इसके बारे में क्या कहते हैं

हनुमान जी का खड़ा रूप

हनुमानजी की खड़ी मूर्ति देखने से उन्नति के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और धन संपत्ति में वृद्धि होती है. आपके आस पास के मंदिर में या आपके घर में ऐसी मूर्ति मिल जाएगी.

बैठे हुए हनुमान जी की मूर्ति देखना

बैठे हुए हनुमान जी की मूर्ति को अगर आप देख लेते हैं तो आपके मन में भी शांति और ध्यान का विकास होता है.

लेटे हुए हनुमान जी की मूर्ति की विशेषता

प्रयागराज के संगम स्थिति हनुमान जी को कई नामों से भी जाना जाता है. इन्हें बड़े हनुमान जी, किले वाले हनुमान जी, लेटे हनुमान जी और बांध वाले हनुमान जी कहा जाता है. यहां जमीन से नीचे हनुमान जी की मूर्ति लेटे हुए मुद्रा में है. तथा हनुमान जी अपनी एक भुजा से अहिरावण और दूसरी भुजा से दूसरे राक्षस को पकड़े हुए हैं. कहते हैं कि ये एक एकमात्र मंदिर है जहां हनुमान जी लेटे हुए हैं.

ये हनुमान जी का सिद्ध मंदिर है. कहते हैं कि हनुमान जी अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते हैं. यहां आने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. हर संकटों से मुक्ति मिलती है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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