Durga Puja 2023 में रांची में दिखेगा गुजरात के स्वामी नारायण मंदिर का प्रारूप

Durga Puja 2023 Ranchi Puja Pandal: पश्चिम बंगाल की तरह ही झारखंड की राजधानी रांची के दुर्गा पूजा को वैश्विक पहचान मिल चुकी है. यहां के पंडाल को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा सकता है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं पंच मन्दिर दुर्गा पूजा समिति हरमू के पूजा पंडाल के बारे में

पश्चिम बंगाल की तरह ही झारखंड की राजधानी रांची के दुर्गा पूजा को वैश्विक पहचान मिल चुकी है.

पंच मन्दिर दुर्गा पूजा समिति हरमू के पूजा पंडाल को काफी खूबसूरती से सजाया जा रहा है. इस साल यहां के पंडाल में करीब 40 से 50 लाख का खर्च आ रहा है.

आपको बता दें पंच मन्दिर दुर्गा पूजा समिति हरमू के पूजा पंडाल का निर्माण काफी पहले से शुरु हो चुका है. जुलाई माह के अंत से ही यहां पर पंडाल का निर्माण हो रहा है.

यहां के पूजा पंडाल का निर्माण बंगाल के हुबली के कारीगर कर रहे हैं.

पूजा पंडाल में फायर सेफ्टी के अलावा मेडिकल का भी इंतजाम है, साथ ही यहां पर ट्वायलेट भी बनाया जा रहा है, साथ ही कैमरा को भी व्यवस्थित किया गया है.

हिंदू पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि का पर्व रविवार, 15 अक्टूबर 2023 से प्रारंभ होगा.शारदीय नवरात्रि का पर्व 23 अक्टूबर 2023 को समाप्त होगा.

Durga Puja 2023 Ranchi Puja Pandalनवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत भी रखते हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान विधि- विधान से मां दुर्गा की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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