Dev Uthani Ekadashi 2022 LIVE: देवउठनी एकादशी आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व

Dev Uthani Ekadashi 2022 LIVE Updates: आज यानी 4 नवंबर 2022 को देवउठनी एकादशी का व्रत है. ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को चार माह की चिर निद्रा के बाद भगवान विष्णु जागते हैं और सृष्टि का संचालन करते हैं. इस दिन से ही सभी तरह के मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. जानें देवउठनी एकादशी 2022 कब है? पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पारण का समय और इस दिन का महत्व जानें.

Live Updates
7:14 PM. 4 Nov 22 1:44 PM. 4 Nov

देवउठनी एकादशी शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि प्रारम्भ – नवम्बर 03, 2022 को शाम 07 बजकर 30 मिनट से शुरू एकादशी तिथि समाप्त – नवम्बर 04, 2022 को शाम 06 बजकर 08 मिनट पर खत्म पारण (व्रत तोड़ने का) समय – नवम्बर 05, 2022 को सुबह 06 बजकर 36 मिनट से 08 बजकर 47 मिनट तक पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय – 05:06 शाम तक है.

5:43 PM. 4 Nov 22 12:13 PM. 4 Nov

भगवान को जगाते समय करें इन मंत्रों का जाप

उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविंद त्यज निद्रां जगत्पते।त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत् सुप्तं भवेदिदम्।। उत्तिष्ठोत्तिष्ठ वाराह दंष्ट्रोद्धृतवसुंधरे। हिरण्याक्षप्राणघातिन् त्रैलोक्ये मंगलं कुरु।।

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देवउठनी एकादशी पूजा विधि

व्रती सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत हो जाए.

घर के मंदिर में दीप जलाएं और भगवान विष्णु का गंगाजल से अभिषेक करें.

भगवान विष्णु को फुल और तुलसी दल अर्पित करें.

भगवान की आरती करें, और भोग लगाएं.

भोग केवल सात्विक चीजों का ही लगाएं.

इस दिन भगवान विष्णु के साथ साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए.

इस दिन भगवान विष्णु का ज्यादा से ज्यादा ध्यान करें.

5:43 PM. 4 Nov 22 12:13 PM. 4 Nov

देवउठनी एकादशी शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि प्रारंभ- शाम 7 बजकर 30 मिनट से (3 नवंबर, 2022)

एकादशी तिथि समाप्त- शाम 6 बजकर 8 मिनट तक ( 4 नवंबर, 2022)

देवउठनी एकादशी की तारीख- 5 नवंबर, 2022

5:43 PM. 4 Nov 22 12:13 PM. 4 Nov

आज से शुरू हो जायेंगे सारे शुभ काम

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी या हरिशयनी एकादशी कहा जाता है. माना जाता है इस दिन से भगवान विष्णु चार मास के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, उनके शयन करने के कारण ही इन चार महीनों में मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं, किंतु देवोत्थान एकादशी के दिन श्री विष्णु हरि के जागने के बाद से बैंड-बाजे बजने लगते हैं, विवाह आदि कर्म होने लगते हैं.

1:13 PM. 4 Nov 22 7:43 AM. 4 Nov

तुलसी- सालिग्राम विवाह का महत्व

देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राजसूय यज्ञ करने से भक्तों को जिस पुण्य की प्राप्ति होती है, उससे भी अधिक फल इस दिन व्रत करने पर मिलता है. ज्योतिषाचार्य डा. शोनू मेहरोत्रा ने बताया कि देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा- आराधना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. विगत 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ हुआ था.

मुख्य बातें

Dev Uthani Ekadashi 2022 LIVE Updates: आज यानी 4 नवंबर 2022 को देवउठनी एकादशी का व्रत है. ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को चार माह की चिर निद्रा के बाद भगवान विष्णु जागते हैं और सृष्टि का संचालन करते हैं. इस दिन से ही सभी तरह के मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. एकादशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. जानें देवउठनी एकादशी 2022 कब है? पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पारण का समय और इस दिन का महत्व जानें.

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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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