Chhath Puja Arghya Time 2023: छठ घाट पर पहुंचने लगे व्रती, डूबते सूर्य को देंगे अर्घ्य, जानें जरूरी बातें

1 / 1
Chhath Puja Arghya Time 2023: छठ घाट पर पहुंचने लगे व्रती, डूबते सूर्य को देंगे अर्घ्य, जानें जरूरी बातें
फुल स्क्रीन में देखें

Chhath Puja Arghya Time 2023: छठ घाट पर पहुंचने लगे व्रती, डूबते सूर्य को देंगे अर्घ्य, जानें जरूरी बातें

Chhath Puja 2023: छठ पूजा का आज तीसरा दिन है. आज का दिन विशेष होता है. आज डूबते हुए सूर्य क अर्घ्य दिया जाता है. व्रती छठ घाट पर पहुंचने लगे है. वहीं महिलाएं कांच ही बांस के बहंगियां बहंगी लचकत जाए… जैसे गीतों से छठ घाट गूंज रहा है.

छठ घाट पर पहुंचे व्रती

आज व्रती 36 घंटों तक उपवास रख छठी माता की पूजा अर्चना की जा रही है. व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे. ऐसा मान्यता है कि जो जातक इस व्रत को विधि-विधान और नियम से रखते हैं उन्हें संतान सुख और जीवन में खुशहाली प्राप्त होती है. छठ घाट पर व्रती पूरे परिवार के साथ पहुंचकर पूजा कर रहे है. अब डूबते सूर्य देव को अर्घ्य देकर सुख समृद्धि की कामना करेंगे.

खास होता है छठ पूजा का तीसरा दिन

छठ महापर्व का तीसरा दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि आज है. आज का दिन छठ पूजा के लिए सबसे प्रमुख दिन होता है, इस दिन शाम के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. महिलाएं दूध और पानी से सूर्य भगवान को अर्घ्य देती हैं.

पूजन सामग्री में ठेकुआ का विशेष महत्व

पूजन सामग्री में बांस की टोकरी में फल, फूल, ठेकुआ, चावल के लड्डू, गन्ना, मूली, कंदमूल, सेव, संतरा और सूप रखा जाता जाता है, इस दिन शाम को व्रती किसी पवित्र नदी, तालाब या घाट पर एकत्रित होकर एक साथ सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं.

परिवार और संतान की लंबी उम्र की कामना

आज व्रती अपने परिवार, बच्चों की लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं. छठी माता और सूर्य देव से घर में सुख समृद्धि की मांग करते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से छठी माता व्रत करने वाली महिलाओं के परिवार और संतान को लंबी आयु और सुख समृद्धि का वरदान देती हैं.

छठ पूजा 2023 पर संध्या अर्घ्य का समय

छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य दिया जाता है. आज के दिन व्रती घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं. संध्या अर्घ्य हमेशा सूर्यास्त के समय दिया जाता है. छठ पूजा के दिन यानी 19 नवंबर को संध्या अर्घ्य का समय शाम 5 बजकर 25 मिनट पर है. वहीं कल सूर्योदय के समय सूर्य को अर्घ्य देने का समय सुबह 6 बजकर 46 मिनट पर है.

सूर्य देव कैसे दें अर्घ्य?

छठ पूजा में सूर्यदेव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है. षष्ठी तिथि पर सभी पूजन सामग्री को बांस की टोकरी में रख लें. नदी, तालाब या जल में प्रवेश करके सबसे पहले मन ही मन सूर्य देव और छठी मैया को प्रणाम करें. इसके बाद सूर्य देव और अर्घ्य दें.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Radheshyam kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >