बजट 2023 : किसानों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का तोहफा, 2.2 लाख करोड़ रुपये किए जाएंगे ट्रांसफर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि कृषि क्षेत्र में संस्थागत ऋण वित्त वर्ष 2021-22 में बढ़कर 18.6 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 2020-21 में 15.8 लाख करोड़ रुपये था. उन्होंने कहा कि पीएम-किसान, पीएम-फसल बीमा योजना और कृषि अवसंरचना कोष बनाने जैसी पहल ने इस क्षेत्र की मदद की है.

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट पेश कर दिया है. इसमें सरकार ने देश के गरीबों को किसानों को नकदी ट्रांसफर के लिए प्रावधान किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पीएम-किसान योजना के तहत 2.2 लाख करोड़ रुपये का नकद हस्तांतरण किया है.

उन्होंने 2024 के आम चुनाव से पहले भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का मिशन ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है. उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल भुगतान में महत्वपूर्ण वृद्धि के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था अधिक संगठित हो गई है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि कृषि क्षेत्र में संस्थागत ऋण वित्त वर्ष 2021-22 में बढ़कर 18.6 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 2020-21 में 15.8 लाख करोड़ रुपये था. उन्होंने कहा कि पीएम-किसान, पीएम-फसल बीमा योजना और कृषि अवसंरचना कोष बनाने जैसी पहल ने इस क्षेत्र की मदद की है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सामाजिक-आर्थिक विकास में डिजिटल बुनियादी ढांचे की भूमिका बढ़ी है और भारत ने खुद को ज्ञान केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित किया है.

बजट की मुख्य बातें

  • भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है.

  • COVID महामारी के दौरान, हमने सुनिश्चित किया कि 28 महीनों के लिए 80 करोड़ से अधिक व्यक्तियों को मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति करने की योजना के साथ कोई भी भूखा न सोए.

  • पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को 1 जनवरी 2023 से मुफ्त में राशन उपलब्ध कराया जाएगा. एक साल तक मुफ्त में अनाज उपलब्ध कराया जाएगा.

  • वैश्विक चुनौतियों के इस समय में भारत की G20 अध्यक्षता हमें विश्व आर्थिक व्यवस्था में भारत की भूमिका को मजबूत करने का एक अनूठा अवसर किया है.

  • 2014 से सरकार के प्रयासों ने सभी नागरिकों के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्ता और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित किया है. प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक बढ़कर 1.97 लाख रुपये हो गई है.

  • इन 9 वर्षों में, भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार दुनिया में 10वीं से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बढ़ा है.

  • दुनिया ने भारत को एक चमकीले सितारे के रूप में मान्यता दी है.

  • चालू वर्ष के लिए हमारी विकास दर 7.0 फीसदी अनुमानित है.

  • यह महामारी और युद्ध के कारण बड़े पैमाने पर वैश्विक मंदी के बावजूद सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है.

  • बजट में सात प्राथमिकताएं तय की गई हैं.

  • देश के 47.8 करोड़ लोगों को जनधन खाता खोले गए.

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023-24 की प्रस्तुति के दौरान कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड पर काम किया जाएगा.

  • अमृत काल के लिए हमारी दृष्टि में मजबूत सार्वजनिक वित्त और एक मजबूत वित्तीय क्षेत्र के साथ एक प्रौद्योगिकी संचालित और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था शामिल है. इस ‘जनभागीदारी’ को हासिल करने के लिए ‘सबका साथ, सबका प्रयास’ जरूरी है.

  • बजट 2023-24 की प्राथमिकताएं है, जो सप्तर्षि की अवधारणा पर आधारित है. बजट की सात प्राथमिकताएं हैं, जिसमें समावेशी वृद्धि, हरित विकास, युवा शक्ति, वित्तीय क्षेत्र, अंतिम छोर तक पहुंच, बुनियादी ढांचे का विकास और क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल शामिल है.

  • युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए एक कृषि त्वरक कोष स्थापित किया जाएगा.

  • राज्यों की सक्रिय भागीदारी, सरकारी कार्यक्रमों के अभिसरण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के साथ मिशन मोड पर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा.

  • देश घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए अत्यधिक आकर्षण प्रदान किया गया है. पर्यटन में दोहन की अपार संभावनाएं हैं. इस क्षेत्र में विशेष रूप से युवाओं के लिए नौकरियों और उद्यमिता के बड़े अवसर हैं.

  • पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देने के साथ कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.

  • भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में सहायता प्रदान की जाएगी.

  • मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना की शुरुआत की जाएगी.

  • सरकार का लक्ष्य ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को प्राप्त करना है.

  • औषधि क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिये नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा.

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  • पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्व कर्म कौशल सम्मान-पैकेज की परिकल्पना की गई है, जो उन्हें एमएसएमई मूल्य शृंखला के साथ एकीकृत करते हुए अपने उत्पादों की गुणवत्ता, पैमाने और पहुंच में सुधार करने में सक्षम बनाएगा.

  • 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ कोलोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे.

  • विशेष रूप से जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए पीएमपीबीटीजी विकास मिशन शुरू किया जाएगा, ताकि पीबीटीजी बस्तियों को मूलभूत सुविधाओं से परिपूर्ण किया जा सके. अगले 3 वर्षों में योजना को लागू करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे.

  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय – अगले 3 वर्षों में केंद्र 3.5 लाख आदिवासी छात्रों की सेवा करने वाले 740 स्कूलों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती करेगा.

  • सरकार 2,200 करोड़ रुपये से आत्मनिर्भर स्वच्छ योजना कार्यक्रम शुरू करेगी.

  • कृषि ऋण लक्ष्य वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपये। इसमें पशु पालन, दुग्ध उद्योग और मछली पालन पर ध्यान दिया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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