कोलकाता : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के तीन नेता और कोलकाता के पूर्व मेयर को गिरफ्तार किया, तो बंगाल सरकार की अपराध जांच शाखा (सीआइडी) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के खिलाफ सक्रिय हो गयी. इसके बाद ममता बनर्जी पर भाजपा सांसद अर्जुन सिंह भड़क गये हैं.
ममता बनर्जी कैबिनेट के दो मंत्रियों फिरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी के अलावा तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और पूर्व तृणमूल नेता एवं कोलकाता के मेयर रहे शोभन चटर्जी की नारदा स्टिंग ऑपरेशन कांड में गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेता अर्जुन सिंह के घर सीआइडी ने एक नोटिस चस्पा कर दिया.
उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा नगरपालिका में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बैरकपुर से भाजपा के दबंग सांसद अर्जुन सिंह के घर देर रात सीआइडी की टीम पहुंची. उनके आवास की दीवार पर जांच एजेंसी की ओर से एक नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें उन्हें 25 मई को भवानी भवन स्थित सीआइडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा गया है.
भाजपा सांसद ने नोटिस मिलने की पुष्टि की और कहा कि सीआइडी ने ममता बनर्जी के निर्देश पर यह कार्रवाई की है. श्री सिंह ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिल चुकी है. वह मामले को ट्रांसफर करने की मांग कोर्ट से कर सकते हैं. अर्जुन सिंह ने कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं. आने वाले दिनों में भाजपा नेताओं को ढेर सारे मुकदमे किये जायेंगे.
यह मामला वर्ष 2020 का है. सीआइडी के इंस्पेक्टर असीम मंडल ने बताया कि 28 जुलाई 2020 को इस बाबत एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है. आरोप है कि भाटपाड़ा नगरपालिका के वित्तीय कोष का दुरुपयोग किया गया था. यह एक भ्रष्टाचार का मामला है, जिसमें अर्जुन सिंह भी नामजद हैं. उनसे पहले भी इस मामले में सवाल-जवाब हुए हैं और पता चला है कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी है.
अधिकारी ने बताया कि इसीलिए विस्तृत जांच के लिए अर्जुन सिंह को नोटिस दिया गया है. अगर 25 मई को वह पूछताछ के लिए भवानी भवन नहीं आते हैं, तो उसके बाद कानून के मुताबिक उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उल्लेखनीय है कि नारद स्टिंग मामले में तृणमूल के तीन नेता और एक पूर्व नेता को सोमवार सुबह-सुबह सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था. हाइकोर्ट ने इन सभी को नजरबंद करने का आदेश दिया है.
Posted By: Mithilesh Jha
