Supratim Sarkar Sent to Tamil Nadu: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले निर्वाचन आयोग (EC) ने एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार को पश्चिम बंगाल से बाहर भेजने का फैसला किया है. सुप्रतिम सरकार को आगामी चुनावों के लिए तमिलनाडु में पुलिस ऑब्जर्वर (Police Observer) नियुक्त किया गया है. चुनाव आयोग का यह कदम बंगाल के मौजूदा चुनावी माहौल में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लेकिन, ममता बनर्जी के बेहद करीबी आईपीएस अधिकारी ने कहा है कि वे बीमार हैं और चिकित्सा कारणों से वह कहीं जाने में असमर्थ हैं.
ममता बनर्जी के करीबी हैं सुप्रतिम सरकार
सुप्रतिम सरकार बंगाल कैडर के उन आईपीएस अधिकारियों में हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भरोसेमंद माना जाता है. कोलकाता पुलिस कमिश्नर के रूप में उनके कार्यकाल और वर्तमान में एडीजी (ट्रैफिक) के पद पर रहते हुए उनकी कार्यशैली की अक्सर चर्चा होती रही है. विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कई बार उन पर सत्ताधारी दल टीएमसी के पक्ष में काम करने के आरोप लगाये थे.
Supratim Sarkar Sent to Tamil Nadu: तमिलनाडु में मिली बड़ी जिम्मेदारी
चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार, सुप्रतिम सरकार को तत्काल प्रभाव से तमिलनाडु के लिए रवाना होना होगा. वहां वे संवेदनशील मतदान केंद्रों की निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा और चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाये रखने के लिए ऑब्जर्वर के रूप में काम करेंगे.
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बंगाल में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी
पश्चिम बंगाल में चुनाव की घोषणा के बाद से ही चुनाव आयोग पुलिस और नागरिक प्रशासन में लगातार बदलाव कर रहा है. डीजीपी, मुख्य सचिव और गृह सचिव जैसे अधिकारियों को पहले ही बदला जा चुका है. मालदा और बीरभूम की हालिया हिंसक घटनाओं के बाद आयोग उन अधिकारियों पर नजर रख रहा है, जिन्हें ‘विवादास्पद’ या ‘पक्षपाती’ माना जाता रहा है.
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