बंगाल में 9 मिनट में जलाये गये 6 करोड़ रुपये के पटाखे, प्रदूषण लेवल 6 गुणा बढ़ा, 98 गिरफ्तार

bengal burnt firecrackers worth rs 6 crore in 9 minutes, pollution level increased 6 times कोलकाता : कोरोना महामारी से पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता जताने के लिए एक दीया जलाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को पटाखे फोड़कर विफल करने वालों ने प्रदूषण का लेवल कई गुणा बढ़ा दिया. लॉकडाउन की वजह से पूरे देश में कल-कारखाने, कंपनियां, संस्थान, लगातार कार्बन उत्सर्जन करती गाड़ियां बंद हैं. इसलिए हवा धीरे-धीरे स्वच्छ हो रही है.

अजय विद्यार्थी

कोलकाता : कोरोना महामारी से पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता जताने के लिए एक दीया जलाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को पटाखे फोड़कर विफल करने वालों ने प्रदूषण का लेवल कई गुणा बढ़ा दिया. लॉकडाउन की वजह से पूरे देश में कल-कारखाने, कंपनियां, संस्थान, लगातार कार्बन उत्सर्जन करती गाड़ियां बंद हैं. इसलिए हवा धीरे-धीरे स्वच्छ हो रही है.

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प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुसार रविवार की रात 9:00 बजे से 9 मिनट के लिए दीप जलाने का कार्यक्रम था. लेकिन, इस दौरान कोलकाता समेत पूरे बंगाल में लोगों ने जमकर पटाखे जलाये. कोलकाता में पुलिस ने पटाखे जलाने वाले 98 लोगों को गिरफ्तार किया. सोमवार को पता चला कि पूरे राज्य में कम से कम छह करोड़ रुपये के पटाखे लोगों ने जला दिये.

हालांकि, पुलिस और प्रशासन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं था कि ये पटाखे आखिर आये कहां से. जब पटाखे की खरीद-बिक्री हो रही थी, तो प्रशासन कहां था. उस वक्त उसने सक्रियता क्यों नहीं दिखायी.

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पटाखा विक्रेता एसोसिएशन के अधिकारी बाबला रॉय ने बताया कि जब पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा था, तब पटाखा विक्रेताओं ने रविवार को जमकर आमदनी की. उन्होंने बताया कि केवल 9 मिनट में कोलकाता समेत पूरे राज्य में कम से कम 6 करोड़ रुपये के पटाखों की बिक्री हुई है.

उनसे जब पूछा गया कि लॉकडाउन में कहां बैठकर पटाखों की बिक्री हुई, तब उन्होंने बताया कि चूंकि प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को ही दीये जलाने का आह्वान कर दिया था, इसलिए इस बात का एहसास हो गया था कि दीये जलाने के साथ-साथ लोग पटाखे भी फोड़ सकते हैं.

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इसलिए कोलकाता समेत राज्य भर के विभिन्न क्षेत्रों में जो लोग पटाखे बेचते हैं, वे लोग उनके पास आये और ऑर्डर देकर चले गये. बहुत से ऐसे भी पटाखा विक्रेता हैं, जिनके पास पहले से मौजूद स्टॉक था. इसलिए घर बैठे पटाखों की आसानी से बिक्री हो गयी.

छह गुणा बढ़ा प्रदूषण

जबर्दस्त आतिशबाजी के कारण कोलकाता समेत राज्य भर की हवा का प्रदूषण लेवल कई गुणा बढ़ गया. विश्व स्वास्थ्य संगठन के नियमानुसार हवा में धूल-कण की मात्रा 25 माइक्रोन से अधिक नहीं होनी चाहिए. रविवार रात सिर्फ 9 मिनट की आतिशबाजी की वजह से यह मात्रा 6 गुणा बढ़ गया. रविवार रात कोलकाता में एयर क्वालिटी इंडेक्स 156 पर था, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है. हालांकि, सोमवार सुबह तक एक बार फिर यह धीरे-धीरे सामान्य होने लगा था.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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