कोलकाता : केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने के लिए लगाये गये लॉकडाउन के बीच एक बड़ा फूल बाजार को खोलने की अनुमति देने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि इससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ जायेगी.
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि इस फूल बाजार के खुलने से ‘गलत संकेत’ जायेगा कि राज्य कोरोना वायरस के खतरे से नहीं जूझ रहा है. परीक्षण किट की आपूर्ति से लेकर राशन सामग्री में कथित लूट तक विभिन्न मुद्दों पर अपने ट्विटर हैंडल पर मुख्यमंत्री की आलोचना करते रहे सुप्रियो ने शनिवार को ट्वीट किया कि हावड़ा फूल बाजार को खोलकर ‘मुख्यमंत्री जन सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं और यह दर्शाता है कि राज्य में स्थिति खतरनाक’ है.
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘हम बोलेगा तो बोलोगे कि राजनीति करता है. पर आपलोग बताइए कि ऐसा होना चाहिए था क्या. यह इसलिए हो रहा है, क्योंकि फूल, मिठाई, पान की दुकानों यानी सभी चीजों को (खुले रहने की) अनुमति देकर ममता जी ने यह गलत संकेत दे दिया कि कोरोना को अब पश्चिम बंगाल हरा चुका है. कोविड-19 अब अतीत है.’
Also Read: पश्चिम बंगाल की सांसद रूपा गांगुली ने कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए एमपी लैड फंड से दिये 8 करोड़ रुपयेइससे पहले एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लोगों से ‘फूल बाजार में जाने जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री की अवमानना करने का’ और घरों में ही रहने आह्वान किया था, क्योंकि ऐसी जगहों पर भीड़ रहती है. सुप्रियो ने शुक्रवार को भी फूल बाजार नहीं खोलने का आग्रह किया था.
बंगाल के कप्तान ईश्वरन ने प्रवासी श्रमिकों के लिए दिये ढाई लाख रुपयेबंगाल रणजी टीम के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने कोविड-19 महामारी के कारण देश भर में लागू लॉकडाउन के दौरान अपने गृहनगर देहरादून में फंसे प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए पुलिस बल को ढाई लाख रुपये दान दिये. कोरोना वायरस के संक्रमण से भारत में 250 से अधिक लोगों की जान चली गयी है, जबकि 8,000 से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में हैं.
Also Read: लॉकडाउन में ‘क्रमिक छूट’ पर केंद्र और बंगाल की ममता बनर्जी सरकार आमने-सामनेबंगाल क्रिकेट संघ की ओर से जारी बयान में ईश्वरन ने कहा, ‘इस कठिन समय में हमें एकजुटता के साथ दूसरों की मदद करनी होगी. हमने सीमा के पास फंसे हुस प्रवासी श्रमिकों को खाना खिलाने के लिए देहरादून पुलिस को 2.5 लाख रुपये का दान दिया है.’ कहा, ‘हमने 100 से अधिक वंचित परिवारों के घर भोजन और राशन पहुंचाया है. जब जरूरत इतनी ज्यादा हो, तो यह काफी नहीं है. लेकिन, हमें मदद करने में खुशी हुई.’
