Annapurna Jayanti 2022 Shubh Muhurat, Puja Vidhi, Importance: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अन्नपूर्णा जयंती मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पड़ती है. इस दिन मां अन्नपूर्णा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि प्राप्ति होने की मान्यता है. यहां जानें अन्नपूर्णा जयंती की पूजा विधि, महत्व और पूजा विधि
अन्नपूर्णा जयंती 2022 मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि आरंभ: 7 दिसंबर, प्रातः 08:01 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 8 दिसंबर प्रातः 9.37 पर
अन्नपूर्णा जयंती 8 दिसंबर 2022 को मनाई जाएगी
अन्नपूर्णा जयंती 2022 पूजा विधि (Annapurna Jayanti 2022 Puja Vidhi)
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सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें
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किचन की अच्छे से सफाई कर गंगा जल से शुद्ध करें
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लाल कपड़े पर अन्नपूर्णा की तस्वीर रखें
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तस्वीर पर तिलक लगाएं और फूल चढ़ाएं
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चूल्हें पर रोली, हल्दी, अक्षत लगाएं
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धूप और दीप लगाकर पूजा करें
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मां पार्वती और भगवान शिव की भी पूजा करें
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पूजा के बाद सबसे पहले चावल की खीर बनाएं
अन्नपूर्णा मन्त्र
अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे ।
ज्ञानवैराग्यसिद्ध्य भिक्षां देहि च पार्वति ।।
अन्नपूर्णा जयंती के दिन क्या करें
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह दिन बहुत पवित्र माना जाता है. इस दिन रसोई घर को साफ-सुथरा कर गंगाजल से शुद्ध करें. इसके साथ ही चूल्हे, स्टोव, गैस आदि की भी पूजा करें. अन्नपूर्णा जयंती के दिन अन्न का दान करने से देवी अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं. इस दिन लाल, पीला और सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है. अन्नपूर्णा माता की पूजा सुबह ब्रह्म मुहूर्त और संध्याकाल में ही करें.
अन्नपूर्णा जयंती पर न करें
ये काम ज्योतिष शास्त्र के अुसार अन्नपूर्णा जयंती पर रसोई घर को गंदा न रखें. अन्नपूर्णा मां की पूजा करते समय उन्हें भूलकर भी दुर्वा अर्पित न करें. इस दिन नमक वाला भोजन करने की भी मानही है. ज्योतिष अनुसार अन्नपूर्णा जयंती पर रसोई में मांसमदिरा या तामसिक भोजन नहीं बनाएं. इस दिन भूलकर भी अन्न की बर्बादी न करें.
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