कोलकाता : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार की देर शाम पश्चिम बंगाल पहुंच रहे हैं. गुरुवार से उनकी दो दिन की बंगाल यात्रा शुरू होगी. इस दौरान अमित शाह राज्य में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की तैयारियों का जायजा लेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता 5 नवंबर से पार्टी संगठन का जायजा लेने के लिए बांकुरा और कोलकाता में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. यह जानकारी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दी. कोविड-19 के प्रकोप के बाद से अमित शाह का यह राज्य का पहला दौरा होगा. उन्होंने पिछली बार एक मार्च को राज्य का दौरा किया था.
गृह मंत्री का यह बंगाल दौरा काफी अहम है, है क्योंकि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य में ‘बिगड़ती’ कानून-व्यवस्था की स्थिति की आलोचना की थी. श्री धनखड़ ने पिछले सप्ताह नयी दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी और ‘राज्य के हालात’ पर उनके साथ चर्चा की थी.
भाजपा के प्रदेश महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि अमित शाह बुधवार (4 नवंबर, 2020) की रात में कोलकाता पहुंचेंगे. वह अगले दिन बांकुरा जायेंगे और पूर्वी एवं पश्चिम मेदिनीपुर, बीरभूम, पुरुलिया और बांकुरा जिलों के भाजपा नेताओं के साथ एक संगठनात्मक बैठक करेंगे.
सायंतन बसु ने कहा, ‘वह शाम को कोलकाता लौटेंगे. 6 नवंबर को अमित शाह दक्षिणेश्वर काली मंदिर जायेंगे और शास्त्रीय गायक पंडित अजय चक्रवर्ती से मुलाकात करेंगे. बाद में, वह राज्य के भाजपा नेताओं के साथ बैठक करेंगे.’
उन्होंने कहा कि अमित शाह के बांकुरा और कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ताओं के घर पर दोपहर का भोजन करने की भी संभावना है. पार्टी सूत्रों ने कहा कि श्री शाह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष के साथ बूथ और जिला स्तर के नेताओं और विभिन्न सामाजिक समूहों के साथ बातचीत करेंगे.
प्रदेश भाजपा नेता ‘कानून का शासन नहीं होने’ का हवाला देते हुए बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं. अमित शाह का यह दौरा प्रदेश भाजपा में बड़े संगठनात्मक बदलाव के बाद हो रहा है. इसके महासचिव (संगठन) सुब्रत चट्टोपाध्याय को हटा दिया गया था और उनके कनिष्ठ अमिताभ चक्रवर्ती को केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उस पद पर नियुक्त किया गया था.
बंगाल में विधानसभा चुनाव वर्ष 2021 अप्रैल-मई में होने की संभावना है. यह भाजपा के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि वह राज्य की राजनीति में अपनी बढ़ती प्रमुखता को भुनाने की कोशिश करेगी, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेंगी.
Posted By : Mithilesh Jha
