चंद्रिमा भट्टाचार्य का स्टाइल स्टेटमेंट और घर में डर्बी युद्ध, जानें ममता बनर्जी की भरोसेमंद मंत्री के अनसुने राज

Chandrima Bhattacharya North Dum Dum: बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के जीवन के अनसुने पहलुओं के साथ-साथ यह भी जानें कि क्यों चर्चा में रहता है उनका ‘डबल बिंदी’ स्टाइल. घर के भीतर क्यों चलता है डर्बी युद्ध? पढ़ें एक्सक्लूसिव रिपोर्ट.

Chandrima Bhattacharya North Dum Dum: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चंद्रिमा भट्टाचार्य एक ऐसा नाम हैं, जो अपनी प्रशासनिक कुशलता के साथ-साथ अपने पहनावे और स्टाइल के लिए भी जानी जाती हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बेहद करीबी और भरोसेमंद मानी जाने वाली 70 वर्षीय चंद्रिमा भट्टाचार्य स्वास्थ्य और वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभागों की मंत्री हैं.

राजनीति के हर मोर्चे पर मुस्तैद चंद्रिमा भट्टाचार्य

राजनीति के अलावा उनके जीवन के कई ऐसे रंग हैं, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाते हैं. ‘जय बांग्ला’ के नारे के साथ-साथ अब वह ‘जय दुर्गा’ और ‘जय महाकाल’ के उद्घोष से भी बंगाल की सियासत में चर्चा का केंद्र बन गयीं. प्रशासनिक कामकाज से लेकर रेड रोड पर नृत्य के ताल तक, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने साबित किया है कि वह राजनीति के हर मोर्चे पर मुस्तैद हैं.

हार के बाद भी नहीं गयी मंत्री की कुर्सी

चंद्रिमा भट्टाचार्य का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन ममता बनर्जी का उन पर भरोसा कभी कम नहीं हुआ. 2011 में दमदम उत्तर से चुनाव जीतने के बाद वह 2016 में सीपीएम के तन्मय भट्टाचार्य से हार गयीं थीं. इसके बावजूद ममता बनर्जी ने उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर नहीं होने दिया. तब शुभेंदु अधिकारी टीएमसी में थे. चंद्रिमा के लिए शुभेंदु के भाई दिव्येंदु अधिकारी ने कांथी दक्षिण सीट खाली कर दी. यहां से उपचुनाव जीतकर चंद्रिमा ने अपनी मंत्री की कुर्सी बचायी. 2021 में वह फिर अपने पुराने गढ़ उत्तर दमदम लौटीं और शानदार जीत दर्ज की.

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स्टाइल स्टेटमेंट : ‘जोड़ी टिप’ और साड़ियों का क्रेज

तृणमूल कांग्रेस के महिला विंग में चंद्रिमा के सजने-संवरने के अंदाज पर खूब चर्चा होती है. उनके सिंदूर लगाने का तरीका बिल्कुल अलग है. वह अक्सर अपनी साड़ी के रंग से मैच करती हुई डबल बिंदी (जोड़ी टिप) लगाती हैं, जो उनकी पहचान बन चुकी है. टीएमसी के गलियारों में एक जुमला मशहूर है- मीडियम बिंदी, डार्क लिपस्टिक आर चंद्रिमा दी. साड़ी के विज्ञापन जैसा उनका यह ग्रेसफुल लुक काफी लोकप्रिय है.

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बिना किसी ट्रेनिंग के रेड रोड पर डांस

चंद्रिमा भट्टाचार्य न केवल मंत्री हैं, बल्कि हिडको (HIDCO) की चेयरमैन भी हैं. उनकी धार्मिक आस्था भी अटूट है. वह हिंदुस्तान पार्क की दुर्गा पूजा से जुड़ी हैं. रेड रोड पर होने वाले दुर्गा कार्निवल में वह नृत्य करती हैं. हैरानी की बात यह है कि उन्होंने कभी डांस की कोई ट्रेनिंग नहीं ली.

मंदिरों का कराया निर्माण

ममता बनर्जी की बेहद करीबी मंत्री चंद्रिमा के कार्यकाल में ही न्यू टाउन में ‘दुर्गा आंगन’ और सिलीगुड़ी में ‘महाकाल मंदिर’ की नींव रखी गयी. इसीलिए अब वह ‘जय बांग्ला’ और ‘जय दुर्गा’ के साथ-साथ ‘जय महाकाल’ का नारा भी बुलंद कर रही हैं.

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Chandrima Bhattacharya North Dum Dum: घर में ईस्ट बंगाल बनाम मोहन बागान का युद्ध

चंद्रिमा भट्टाचार्य के घर के भीतर एक दिलचस्प फुटबॉल डर्बी (प्रतिद्वंद्विता) चलती है. उनके बेटे सौरव बसु, जो कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 86 के पार्षद हैं, मोहन बागान के कट्टर समर्थक हैं. मां चंद्रिमा ईस्ट बंगाल की बड़ी फैन हैं. फुटबॉल के सीजन में मां-बेटे के की आपसी खींचतान चर्चा में रहती है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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