दुर्गापूजा में भी भाजपा नेताओं का बंगाल में ‘डेली पैसेंजरी’ जारी : अभिषेक बनर्जी

अगले साल 30 जून तक का वक्त मांगा है. तृणमूल नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक रूप से तृणमूल का मुकाबला करने में विफल है, इसलिए वह प्रतिशोध की राजनीति कर रही है. यदि ऐसा नहीं होता, तो राज्य के मनरेगा फंड को नहीं रोका जाता.

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर भाजपा नेताओं व केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की. गुरुवार को दक्षिण 24 परगना के सातगछिया स्थित विद्यानगर मल्टिपरपस स्कूल मैदान और विष्णुपुर के सेंचुरी प्लाई पार्किंग में तृणमूल की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में अभिषेक शामिल हुए. यहां लोगों को संबोधित करते हुए अभिषेक ने कहा कि राज्य में जब चुनाव का समय आता है, तब दूसरे राज्यों में भाजपा के नेता यहां ‘डेली पैसेंजरी’ करते देखे जाते हैं. यह आलम दुर्गा पूजा के दौरान भी है. इससे यह साफ है कि ऐसे लोग केवल निजी फायदे की राजनीति करते हैं. एक समय ऐसा था, जब भगवा दल के नेता यह दावा कर रहे थे कि बंगाल में दुर्गा पूजा नहीं करने दी जाती है और अब वही नेता राज्य में दुर्गा पूजा मंडप का उद्घाटन करने आ रहे हैं.

बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा

यही बंगाल की संस्कृति की जीत है. बंगाल और यहां के लोगों को बदनाम करने की साजिशें कभी सफल नहीं हो सकती हैं. श्री बनर्जी ने कहा कि मनरेगा के तहत 100 दिनों रोजगार योजना के लिए बंगाल को बकाया भुगतान की मांग को लेकर आगामी एक नवंबर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में आंदोलन तेज होगा. तृणमूल बंगाल के लोगों के हक की लड़ाई जारी रखेगी. यदि केंद्र सरकार बकाया नहीं देगी, तब बंगाल सरकार ही यहां के लोगों को उनका हक देगी. इसके लिए उन्होंने अगले साल 30 जून तक का वक्त मांगा है. तृणमूल नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक रूप से तृणमूल का मुकाबला करने में विफल है, इसलिए वह प्रतिशोध की राजनीति कर रही है. यदि ऐसा नहीं होता, तो राज्य के मनरेगा फंड को नहीं रोका जाता. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोगों के बीच वस्त्र भी बांटे.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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