लैपटॉप चार्जर की केबल के बीच में ये बॉक्स क्यों होता है? जानिए इसका असली काम
Laptop Charger: आपने नोटिस किया होगा कि लैपटॉप चार्जर की केबल के बीच में एक बॉक्स होता है. कई लोग जानते ही नहीं कि वो होता क्या है, जबकि सच तो यह है कि उसके बिना आपका लैपटॉप चार्ज ही नहीं हो सकता है. आइए आपको बताते हैं आखिर उस छोटे बॉक्स को कहते क्या हैं और यह किस काम आता है.
Laptop Charger: अक्सर जब हमारे लैपटॉप की बैटरी डाउन होने लगती है, तो हम तुरंत चार्जर लगाकर दोबारा अपना काम करना शुरू कर देते हैं. लेकिन क्या अपने कभी अपने लैपटॉप के चार्जिंग केबल को ध्यान से देखा है? आप जब नोटिस करेंगे, तो आपको केबल के बीच लगे उस छोटे बॉक्स पर नजर पड़ेगी. कई लोग जानते ही नहीं कि वो होता क्या है, जबकि सच तो यह है कि उसके बिना आपका लैपटॉप चार्ज ही नहीं हो सकता है. आइए आपको बताते हैं आखिर उस छोटे बॉक्स को कहते क्या हैं और यह किस काम आता है.
लैपटॉप अडैप्टर क्या होता है?
लैपटॉप को इतना पोर्टेबल बनाने में चार्जिंग केबल पर लगा वही बॉक्स अहम भूमिका निभाता है. इसे लैपटॉप अडैप्टर कहा जाता है. यह दीवार के सॉकेट से आने वाली बिजली को लैपटॉप के लिए सही वोल्टेज में बदलता है, तभी लैपटॉप सेफ तरीके से चार्ज हो पाता है.
लैपटॉप अडैप्टर का काम क्या होता है?
आमतौर पर दीवार के सॉकेट से मिलने वाली बिजली AC यानी अल्टरनेटिंग करंट होती है, जबकि लैपटॉप को चार्ज करने के लिए DC यानी डायरेक्ट करंट की जरूरत होती है. इसलिए लैपटॉप की केबल को सीधे दीवार के सॉकेट में नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि वहां से सही तरह की बिजली सप्लाई नहीं मिलती.
यहीं पर चार्जिंग केबल का बॉक्स, यानी लैपटॉप एडॉप्टर काम आता है. यह AC करंट को DC में बदल देता है. लैपटॉप में यह हिस्सा अंदर लगाने के बजाय बाहर इसलिए रखा जाता है, क्योंकि अंदर लगाने से ज्यादा जगह घेरता है, जबकि लैपटॉप पतले, हल्के और आसानी से ले जाने लायक बनाए जाते हैं.
लैपटॉप को DC पावर ही क्यों चाहिए होता है?
बिजली घरों में AC पावर इसलिए बनाई जाती है क्योंकि इसकी आगे-पीछे चलने वाली धारा दूर तक आसानी से पहुंच सकती है. इसी वजह से यह घरों और ऑफिस जैसी जगहों के लिए बेहतर होती है, जहां हर दीवार के सॉकेट से बिजली मिल जाती है. वहीं DC पावर सीधी धारा में चलती है, इसलिए यह ज्यादा दूर तक नहीं जाती. लेकिन लैपटॉप की बैटरी जैसी चीजों को DC पावर ही पसंद होती है, क्योंकि इसमें वोल्टेज स्थिर रहता है. अगर लैपटॉप सीधे AC पावर इस्तेमाल करे, तो उसकी अंदरूनी सर्किट में दिक्कत आ सकती है.
यही वजह है कि लैपटॉप चार्जर का वह छोटा सा बॉक्स बहुत जरूरी होता है. यह चुपचाप AC बिजली को ऐसे सेफ और काम की बिजली में बदल देता है, जिसे लैपटॉप आराम से इस्तेमाल कर सके. जैसे-जैसे चार्जिंग टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है, आने वाले समय में ऑल-डे बैटरी वाले लैपटॉप और हर जगह USB-C से चार्ज होने वाले डिवाइस देखना आम हो सकता है.
यह भी पढ़ें: USB का मलतब क्या है? जानिए Type-A से लेकर C तक हर पोर्ट का शेप, काम और स्पीड
