AI में भी है दिल! बबलू बंदर के व्लॉग्स में छिपा इमोशन और मजा, सोशल मीडिया पर मचा रहा धमाल

AI Babloo Bandar: सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है, लेकिन इस बार जो वायरल हुआ है, वह न इंसान है, न जानवर-बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना एक वर्चुअल बंदर है. नाम है बबलू बंदर, और यह बन चुका है भारत का पहला देसी AI ट्रैवल व्लॉगर.

AI Babloo Bandar | AI Monkey Viral Video: सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है, लेकिन इस बार जो वायरल हुआ है, वह न इंसान है, न जानवर-बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना एक वर्चुअल बंदर है. नाम है बबलू बंदर, और यह बन चुका है भारत का पहला देसी AI ट्रैवल व्लॉगर.

कौन है बबलू बंदर?

बबलू कोई आम बंदर नहीं है. यह एक डिजिटल कैरेक्टर है जिसे दिल्ली के लखन सिंह नामक क्रिएटर ने डिजाइन किया है. घूमने का शौक रखने वाले लखन हर जगह नहीं जा सकते थे, तो उन्होंने बनाया बबलू- एक ऐसा AIव्लॉगर जो भारत के कोने-कोने में घूमता है, वीडियो बनाता है और दर्शकों को हंसी, जानकारी और देसीपन का तड़का देता है.

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क्या करता है बबलू?

बबलू के वीडियो में वह गंगा में डुबकी लगाता है, केदारनाथ की यात्रा करता है, मैगी खाता है और मंदिरों का इतिहास भी बताता है. उसकी आवाज, हाव-भाव और देसी अंदाज इतने असली लगते हैं कि कई लोग पहली बार में समझ ही नहीं पाते कि यह एक AI कैरेक्टर है.

क्यों हो रहा है वायरल?

देसी टच: बबलू की भाषा और अंदाज पूरी तरह भारतीय है, जिससे दर्शक तुरंत जुड़ जाते हैं.

AI की ताकत: यह दिखाता है कि कैसे AI का इस्तेमाल मनोरंजन और संस्कृति को जोड़ने के लिए किया जा सकता है.

इमोशनल कनेक्शन: बबलू सिर्फ हंसी नहीं, भावनाएं भी लाताहै- चाहे वह हरिद्वार की आरती हो या केदारनाथ की चढ़ाई.

सोशल मीडिया पर बबलू का जलवा

इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर बबलू के लाखों फॉलोअर्स हैं. उसके वीडियो पर मिलते हैं लाखों व्यूज और हजारों कमेंट्स. लोग उसे “AI का देसी सुपरस्टार” कह रहे हैं.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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