आधार ऐप लाया बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने का सीक्रेट तरीका

नया आधार ऐप बिना अतिरिक्त डेटा शेयर किए उम्र वेरिफाई करेगा. बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने का स्मार्ट तरीका कैसे बनेगा यह? यहां पढ़ें

क्या आपने कभी सोचा है कि ऑनलाइन गेम या ई-कॉमर्स साइट पर आपकी उम्र कैसे चेक होती है? दरअसल, डिजिटल दुनिया में उम्र की पुष्टि एक बड़ी चुनौती है. अब सरकार ने इस समस्या का हल निकाल लिया है- नया आधार ऐप. अब आपके मन में सबसे पहला सवाल यही आयेगा कि क्या इसके लिए ढेर सारा डेटा शेयर करना पड़ेगा? तो इसका जवाब है- नहीं. यूआईडीएआई का यह ऐप बिना किसी अतिरिक्त जानकारी साझा किये आपकी उम्र डिजिटल तरीके से वेरिफाई कर देगा. तो इस तरह सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म अब आसानी से तय कर पाएंगे कि कौन-सा यूजर किस कंटेंट तक पहुंच सकता है. बच्चों को अनुपयुक्त सामग्री से बचाने का यह सीधा तरीका है.

एक्स्ट्रा डेटा शेयर करने की जरूरत नहीं

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक नया आधार ऐपलॉन्च किया है, जिसके जरिये अब उम्र का डिजिटल सत्यापन बेहद आसान हो जाएगा. खास बात यह है कि इसके लिए किसी अतिरिक्त डेटा को साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा है कि सरकार ने ‘आधार प्रमाणीकरण नियम 2020’ में संशोधन किया है ताकि निजी संस्थाएं सुरक्षित आधार पर सेवाएं प्रदान कर सकें. उन्होंने बताया कि डिजिटल व्यक्तिगत संरक्षण अधिनियम (DPDP) के तहत अब उम्र की जांच सीधे ऐप से की जा सकेगी.

बच्चों की सुरक्षा पर जोर

कृष्णन ने कहा कि सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर यह फीचर बच्चों को अनुपयुक्त सामग्री और उत्पादों से बचाने में मदद करेगा.

ऐप की सुविधाएं

UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया कि यह ऐप न केवल उम्र सत्यापन बल्कि पता और मोबाइल नंबर अपडेट करने जैसी सेवाओं को भी आसान बनाएगा. साथ ही, डिजिटल प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक जानकारी भी साझा करेगा.

कैसे मिलेगा ऐप

नया आधार ऐप मोबाइल फोन के ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. इसके जरिए कंपनियां और यूजर्स किसी व्यक्ति की डिजिटल पहचान सत्यापित कर सेवाएं प्रदान कर पाएंगे.

ऐप की खासियतें

  • डेटा प्रोटेक्शन: डिजिटल व्यक्तिगत संरक्षण अधिनियम के तहत कोई अतिरिक्त डेटा शेयर नहीं करना होगा.
  • सर्विस ऐक्सेस: कंपनियां और यूजर्स, दोनों आसानी से डिजिटल पहचान सत्यापित कर पाएंगे.
  • अपडेट फीचर: पता और मोबाइल नंबर अपडेट करना भी आसान होगा.

किनके लिए सबसे बढ़िया

अगर आप ऑनलाइन बिजनेस चलाते हैं, तो इस ऐप को तुरंत अपनाइए. इससे न सिर्फ आपकी सर्विस सुरक्षित होगी, बल्कि यूजर्स का भरोसा भी बढ़ेगा.पैरेंट्स के लिए यह ऐप बच्चों को डिजिटल खतरों से बचाने का एक स्मार्ट टूल है.

यह भी पढ़ें: आधार अपडेट अब घर बैठे, सेंटर जाने की झंझट खत्म!

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >