खास बातें
Who is Bishal Lama: पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार ने न केवल सत्ता का संतुलन बदल दिया है, बल्कि उत्तर बंगाल के डुआर्स (Dooars) और दार्जिलिंग हिल्स के इतिहास में एक नया पन्ना भी जोड़ दिया. अलीपुरदुआर जिले की कालचीनी (ST) विधानसभा सीट से दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ जीतने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक विशाल लामा ने राज्य मंत्री (MoS) के रूप में शपथ ली.
डुआर्स और गोरखा अस्मिता के लिए मील का पत्थर
विशाल लामा की ताजपोशी एक राजनेता का उदय भर नहीं है, बल्कि यह गोरखा समुदाय के लिए 55 साल पुराना एक लंबा और भावुक इंतजार खत्म होने जैसा है. बंगाल की राजनीति में इसे डुआर्स और गोरखा अस्मिता के लिए अब तक का सबसे बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है.
यह पूरे गोरखा समाज के लिए गर्व और आंसुओं से भरा पल है. इतने दशकों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार बंगाल सरकार में हमारी कौम को यह सम्मान मिला है.
इंदिरा राय, पूर्व मंत्री देव प्रकाश राय की भतीजी
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विशाल लामा पिछले साढ़े पांच दशकों में बंगाल कैबिनेट में शामिल होने वाले पहले गोरखा नेता बन गये हैं. बंगाल सरकार के मंत्रिमंडल में आखिरी बार गोरखा समुदाय का कोई कद्दावर नेता वर्ष 1971 में शामिल हुआ था, जब ऑल इंडिया गोरखा लीग के दिग्गज नेता देव प्रकाश राय मंत्री बने थे. उनके निधन (1981) के बाद पहाड़ की राजनीति कई धड़ों में बंटी, लेकिन नबान्न (पश्चिम बंगाल सचिवालय) में गोरखा समुदाय की वह मजबूत आवाज हमेशा के लिए खो गयी थी.
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भावुक हुए दार्जिलिंग के लोग
विशाल लामा के शपथ लेते ही स्वर्गीय देव प्रकाश राय की 77 वर्षीय भतीजी इंदिरा राय (दार्जिलिंग जिला अस्पताल की सेवानिवृत्त नर्सिंग सुपरिटेंडेंट) भावुक हो गयीं. उन्होंने कहा- यह पूरे गोरखा समाज के लिए गर्व और आंसुओं से भरा पल है. इतने दशकों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार बंगाल सरकार में हमारी कौम को यह सम्मान मिला है.
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चाय बागानों के हक की जंग
डुआर्स का यह इलाका हमेशा से चाय बागानों के मजदूरों के भूमि अधिकारों (Land Rights), न्यूनतम मजदूरी और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रहा है. विशाल लामा को सीधे कैबिनेट में शामिल करके मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब पहाड़ और डुआर्स के फैसले कोलकाता में बैठकर नहीं, बल्कि डुआर्स का बेटा खुद तय करेगा.
विशाल लामा ने टीएमसी के किले को 2 बार किया ध्वस्त
44 वर्षीय विशाल लामा की पहचान जमीन से जुड़े जुझारू नेता की है. 2026 के विधानसभा चुनाव में विशाल लामा ने कालचीनी (ST) सीट पर अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए 1,14,759 वोट हासिल किये. उन्होंने टीएमसी के बीरेंद्र बाड़ा को 37,843 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी.
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Who is Bishal Lama: 2021 में पहली बार बने विधायक
साल 2021 के बंगाल चुनाव में उन्होंने टीएमसी के पासंग लामा को 28,576 वोटों से हराकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था. लगातार 2 बार टीएमसी को पटखनी देने का इनाम भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें लाल बत्ती के रूप में दिया है.
पार्टी के की उम्मीदों को पूरा करने के लिए जान लगा दूंगा – लामा
उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय (North Bengal University) से स्नातक और पेशे से प्राइवेट ट्यूटर व राजनेता विशाल लामा ने शपथ लेने के बाद जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा- यह पद मेरे लिए कोई वीआईपी स्टेटस नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती है. भाजपा ने हमारे समाज और क्षेत्र पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए मैं पूरी निष्ठा से काम करूंगा. चाय बागानों के मजदूरों की सुरक्षा, गरिमा और विकास ही मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मार्गदर्शन में हम एक सुरक्षित और समृद्ध बंगाल बनायेंगे.
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उत्तर बंगाल से बनाये गये 9 मंत्री
बुधवार को होने वाले विभागों के बंटवारे से ठीक पहले उत्तर बंगाल से मंत्रियों की कुल संख्या अब 9 हो गयी है. विशाल लामा को शामिल करके भाजपा ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और अलीपुरदुआर की गोरखा और आदिवासी बेल्ट में तृणमूल कांग्रेस के बचे-खुचे आधार को पूरी तरह साफ करने की रणनीतिक बिसात बिछा दी है.
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