सिलीगुड़ी : बैंक हड़ताल से उत्तर बंगाल भी प्रभावित, एटीएम में लटके ताले, नहीं उगले रुपये

सिलीगुड़ी : एकबार फिर बैंक हड़ताल से लोग काफी परेशान दिखे. बैंक कर्मचारियों का संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बुधवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर सिलीगुड़ी तथा पूरे उत्तर बंगाल पर भी पड़ा. अधिकांश राष्ट्रीयकृत बैंकों के शटर दिनभर डाउन रहे. केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के विरुद्ध में […]

सिलीगुड़ी : एकबार फिर बैंक हड़ताल से लोग काफी परेशान दिखे. बैंक कर्मचारियों का संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बुधवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर सिलीगुड़ी तथा पूरे उत्तर बंगाल पर भी पड़ा. अधिकांश राष्ट्रीयकृत बैंकों के शटर दिनभर डाउन रहे. केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के विरुद्ध में बैंक कर्मचारियों ने दिनभर कामकाज नहीं किया.
बैंकों के साथ-साथ अधिकांश एटीएम भी बंद रहे. एटीएम सेंटर में भी ताले झूले रहे. एटीएम में नगदी न होने के वजह से मशीन ने भी रुपये नहीं उगले. वजह कल यानी मंगलवार को बड़ा दिन यानी क्रिसमस के मद्देनजर समस्त बैंकों में राष्ट्रीय व राजकीय अवकाश था. कल बैंके तो बंद थी लेकिन एटीएम सेंटर खुले थे. बैंक बंद होने के वजह से अधिकांश एटीएम में कल दोपहर या फिर शाम होने तक ही नगदी शेष हो गये. आज फिर बैंक हड़ताल के वजह से एटीएम में नगदी जमा नहीं की जा सकी और एटीएम दिनभर बंद रहे.
बार-बार बैंक हड़ताल किये जाने से जहां करोड़ों का नुकसान होता है वहीं, हर कोई हलकान भी होता है. एक कारोबारी मनोज सिंहानिया का कहना है कि बैंक वालों ने मजाक बना कर रख दिया है. बीते छह-सात दिनों में दो दिन बैंक हड़ताल से लगभग सप्ताह भर ही बैंक बंद रहा. बीच में केवल 24 दिसंबर यानी सोमवार को ही एक दिन के लिए बैंक खुला रहा. लेकिन उस दिन बैंकों में दिन भर इतनी भीड़ रही की कई उपभोक्ता लंबी कतारे देख कर ही बैंक से बैरंग लौट गये या फिर जो कतार में खड़े हुए तो वे बार-बार सरवर डाउन से दिन भर परेशान हुए.
सुशील अग्रवाल का कहना है कि पहले 21 दिसंबर यानी शुक्रवार को बैंक हड़ताल हुआ. दूसरा दिन महीना का चौथा शनिवार होने के वजह से बैंक बंद थी. रविवार को वैसे भी साप्ताहित छुट्टी रहती थी. सोमवार को केवल एक दिन के लिए बैंक खुला. कल यानी मंगलवार को क्रिसमस के लिए वापस बंद हो गया. आज एकबार फिर बैंक हड़ताल. श्री अग्रवाल का कहना है कि बैंक कर्मचारी हमेशा दिन देखकर बैंक हड़ताल करते हैं जिससे उन्हें दो-तीन दिन या सप्ताह भर ही काम न करने का मौका मिले .

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