अलीपुरद्वार : गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ाने से एक प्रसूता की मौत का आरोप अलीपुरद्वार जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर लगा है. इसके विरोध में मृतका के परिजनों ने शहर की सबसे व्यस्त सड़क बक्सा फीडर रोड को जाम कर दिया. विरोध में कई स्वयंसेवी संगठनों और मानवाधिकार संगठन के लोग भी शामिल हुए. घंटों तक सड़क अवरुद्ध रहने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक, कूचबिहार के शिवपुर के गोपाल हाट की निवासी रिंकी दास (22) को प्रसव पीड़ा के बाद अलीपुरद्वार के एक नर्सिंग होम में गत 29 अप्रैल को भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों की सलाह पर रिंकी दास के पति संजय घोष अलीपुद्वार जिला अस्पताल से एक युनिट खून लेकर आये. आरोप है कि यह खून चढ़ाये जाने के बाद ही प्रसूता की स्थिति बिगड़ने लगी. इसके बाद उसे अलीपुद्वार जिला अस्पताल के सीसीयू में रेफर कर दिया गया.
वहां प्रसूता ने शरीर में भयंकर जलन महसूस करना शुरू किया. इसके बाद उसकी स्थिति और बिगड़ने पर उसे कूचबिहार के एक नर्सिंग होम में ले जाया गया. वहां पता चला कि महिला को एबी पॉजिटिव खून चढ़ाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे अलीपुरद्वार जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से एबी निगेटिव खून दे दिया गया. जिसके वजह से उसकी हालत बिगड़नी शुरु हो गयी जिसके बाद रात 12 बजे उसकी मृत्यु हो गयी.
अस्पताल अधीक्षक ने दिया जांच का आश्वासन
बुधवार रात करीब 12 बजे कूचबिहार के नर्सिंग होम में रिंकी दास ने दम तोड़ दिया. प्रसूता के परिवार ने अलीपुरद्वार जिला अस्पताल के अधीक्षक चिन्मय बर्मन के पास चिकित्सकीय लापरवाही की लिखित शिकायत दर्ज करायी. इस बारे में पूछे जाने पर चिनमय बर्मन ने कहा कि शिकायत की जांच की जा रही है. किसी की लापरवाही साबित होने पर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.
