Mamata Banerjee: SIR मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, ममता बनर्जी खुद कर सकती है मुकदमे की पैरवी

Mamata Banerjee: सुनवाई में उत्पीड़न को लेकर तृणमूल सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. इस मामले में ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा है कि जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाकर जनता के लिए पैरवी कर सकती हैं.

By Ashish Jha | January 6, 2026 9:05 AM

Mamata Banerjee: कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में एसआईआर पारित होने के बाद मसौदा सूची से 54 लाख लोगों के नाम सूची से बाहर हो गए हैं. यहां तक ​​कि ‘हत्यारों’ को भी अपने पक्ष में बोलने का अधिकार है, लेकिन सूची से बाहर किये गये लोगों को वो हक भी नहीं दिया जा रहा है. ममता बनर्जी ने कहा कि वो लोगों के उत्पीड़न के बारे में बोलेंगी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंगासागर में एक कार्यक्रम में घोषणा की कि वह राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगी. उन्होंने कहा कि एसआईआर की सुनवाई में लोगों को परेशान किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर वे आम लोगों के लिए आवाज उठाएंगे.

आम लोगों से छीना जा रहा हक

ममता के बयान के बाद, तृणमूल सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने एसआईआर की सुनवाई के दौरान लोगों के उत्पीड़न के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक मामला दायर करने की बात कही है. उन्होंने पार्टी की ओर से यह मुकदमा दायर किया है. याचिकाकर्ता तृणमूल के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन हैं. ममता बनर्जी ने ने एसआईआर की सुनवाई के दौरान आम लोगों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल यह तय करने के लिए किया जा रहा है कि किसका नाम सूची से हटाया जाएगा और किसका नाम सूची में रहेगा. इसके बाद ममता ने कहा- हम कानूनी सहायता भी ले रहे हैं. हम भी अदालत जाएंगे. जिस तरह से वे इतने सारे लोगों को परेशान कर रहे हैं, उसके खिलाफ अदालत जाएंगे.

ममता कोर्ट में कर सकती है बहस

ममता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद भी पैरवी करेंगी. उन्होंने कहा- जरूरत पड़ने पर मैं भी अनुमति मांगूंगी. जरूरत पड़ने पर मैं सुप्रीम कोर्ट भी जाऊंगी और जनता की ओर से पैरवी करूंगी. मैं जनता की ओर से बोलूंगी. मैं एक वकील हूँ, लेकिन मैं वकील बनकर नहीं रहूँगा. मैं एक आम नागरिक के रूप में जाऊँगी. मैं अपने मन की बात कह सकती हूँ. मैं बोलने के लिए अनुमति लूँगी. मैं अपनी ओर से दिखाऊँगी कि जमीनी स्तर पर क्या हो रहा है, लोगों को कैसे परेशान किया जा रहा है.

चुनाव आयोग को भी सौंपा ज्ञापन

तृणमूल की ओर से एक ओर एसआईआर के संबंध में याचिका दायर किए जाने की तैयारी चल रही थी तो दूसरी ओर तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा. खबरों के मुताबिक अभिषेक की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से बहस हुई. ममता ने रविवार को तीसरी बार आयोग को पत्र लिखा. उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी संवैधानिक क्षमता का प्रयोग करते हुए पत्र प्रस्तुत किया. साढ़े तीन पृष्ठों के इस पत्र में उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में विभिन्न अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इनका समाधान नहीं किया गया तो “अपूर्णीय क्षति” होगी.

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