West Bengal : पिछले पांच वर्षों में बंगाल ने झेला है कई तूफानों का कहर

West Bengal : अलीपुर मौसम विभाग की मानें तो अक्टूबर से दिसंबर तक बंगाल की खाड़ी में तीन से चार चक्रवात आ सकते हैं. ‘डाना’ इसी का हिस्सा है

West Bengal : बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य में बने चक्रवाती तूफान ‘डाना’ के कारण कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान है.भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी. वहीं दूसरी बंगाल के इतिहास पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में बंगाल ने कई तूफानों का कहर झेला है.

  • 26 अप्रैल 2019 में आया चक्रवाती तूफान ”फनी” ने राज्य में लगभग 568 करोड़ रुपये का नुकसान किया था. 29 हजार घर क्षतिग्रस्त हो गये थे. चक्रवात के कारण प्रति घंटे 200 किमी की रफ्तार से हवा चली थी.
  • नौ नवंबर 2019 में चक्रवाती तूफान ”बुलबुल” प्रति घंटे 140 किमी की रफ्तार से बंगाल के तटवर्ती अंचलों से टकराया था. सागरद्वीप व फ्रेजरगंज के बीच से यह गुजरा था. मेदिनीपुर, हावड़ा व दक्षिण 24 परगना में इस चक्रवाती तूफान ने काफी तबाही मचायी थी.
  • 20 मई 2020 में आये चक्रवाती तूफान ”अम्फान” ने बंगाल को काफी नुकसान पहुंचाया था. इसे काफी भयावह चक्रवात माना गया था. दक्षिण बंगाल को काफी नुकसान पहुंचा था. राज्य सरकार ने एक लाख दो हजार 500 करोड़ रुपये का नुकसान बताया था.
  • 26 मई 2021 को आये चक्रवाती तूफान ”यश” जब पाराद्वीप सागरद्वीप के मध्यम में टकराया था, उस समय हवा की गति 100 से 120 किमी प्रति घंटे थी. पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना सहित कई जिलों में इस चक्रवात के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा था. राज्य सरकार ने बताया था कि इस चक्रवात से लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.
  • 26 मई 2024 को अम्फन की तरह चक्रवात ”रेमाल” ने भी रौद्र रूप दिखाया था. यह बांग्लादेश व सागरद्वीप के बीच टकराया था. इसकी गति प्रति घंटे 135 किमी थी. राज्य में छह लोगों की मौत हो गयी थी. इस तूफान ने भी काफी तबाही मचायी थी.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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