West Bengal Election 2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से मांग की है कि ऐसे मतदान केंद्र, जहां 85 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई हो या हिंसा हुई हो, उन्हें संवेदनशील बूथ घोषित कर दिया जाये. ऐसे बूथ पर एक्स्ट्रा सिक्यूरिटी फोर्सेज की तैनाती की जाये.
मतदाताओं को वोट डालने से रोकने वाले अधिकारियों पर हो कार्रवाई
भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम के साथ हुई बैठक में भाजपा ने यह भी कहा कि चुनाव से पहले यदि हिंसा-मुक्त और भयमुक्त वातावरण बनाना है, तो आयोग को राज्य पुलिस और सरकार के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जो मतदाताओं को अपना वोट डालने से रोकते हैं. बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि रूट मार्च जान-बूझकर शांतिपूर्ण क्षेत्रों में कराये जा रहे हैं.
West Bengal Election 2026: शांतिपूर्ण क्षेत्रों में कराये जा रहे हैं रूट मार्च
शिशिर बाजोरिया ने कहा- मैंने अपनी आंखों से देखा है कि रूट मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण क्षेत्रों में हो रहे हैं. उन मुख्य सड़कों पर, जहां कोई आबादी नहीं है. वहां से केवल वाहन गुजरते हैं. इस तरह राज्य पुलिस केंद्रीय बलों को काम करने के लिए बाध्य कर रही है. उन्होंने आयोग से संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान के मानदंडों को फिर से परिभाषित करने का अनुरोध किया.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भाजपा ने की अधिकतम 3 चरण में चुनाव कराने की मांग
भाजपा ने यह भी मांग की कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अधिकतम 3 चरण में ही कराये जायें. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को 16 सूत्री ज्ञापन सौंपा. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय दलों के प्रतिनिधिमंडलों से चुनाव संचालन संबंधी उनकी चिंताओं और सुझावों को सुना.
इसे भी पढ़ें
निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में होंगे बंगाल विधानसभा चुनाव, बोले ज्ञानेश कुमार
बंगाल के पुराने वोटर की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 10 को, जानें पूरा मामला
चुनाव आयोग की बैठक: भाजपा ने रखीं 16 सूत्री मांगें, सीपीएम चाहती है दो चरणों में मतदान
