शुभेंदु अधिकारी सरकार ने बकरीद की छुट्टियों में कर दी कटौती, अल्पसंख्यक मोर्चा बोला- गाय की कुर्बानी न दें मुस्लिम भाई

West Bengal Bakrid: पश्चिम बंगाल में बकरीद 2026 को लेकर सरकार ने छुट्टियों का नया शेड्यूल जारी किया है. 26-27 मई की छुट्टी रद्द कर दी गयी है. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने गाय की कुर्बानी न देने की अपील की है. पढ़ें पूरी खबर.

West Bengal Bakrid: पश्चिम बंगाल में नयी सरकार के गठन के बाद होने वाली पहली बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार सुर्खियों में है. एक तरफ राज्य सरकार ने छुट्टियों के कैलेंडर में बड़ा बदलाव कर दिया है, तो दूसरी तरफ बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने एक भावुक अपील जारी कर मुस्लिम समुदाय से गाय की कुर्बानी न देने का आग्रह किया है.

छुट्टियों पर कैंची : 26 और 27 मई को खुलेंगे स्कूल-दफ्तर

पश्चिम बंगाल की सरकार ने बकरीद की छुट्टियों को लेकर नया आदेश जारी किया है. पहले के कैलेंडर में 26 और 27 मई को भी छुट्टियां घोषित थीं, जिन्हें अब रद्द कर दिया गया है. अब केवल 28 मई (बृहस्पतिवार) को बकरीद की सार्वजनिक छुट्टी रहेगी. सरकार ने कहा है कि चांद दिखने की तारीख और राष्ट्रीय कैलेंडर में आये बदलाव के कारण यह संशोधन किया गया है.

बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की अपील- गाय माता है, उसकी रक्षा करें

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने मुस्लिम समुदाय के लिए एक विशेष संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा- इस्लाम में कुर्बानी वाजिब है, फर्ज नहीं. हमारे हिंदू भाइयों की धार्मिक भावनाएं गाय से जुड़ी हैं, वे उसे माता मानते हैं. इसलिए सौहार्द बनाये रखने के लिए गाय की कुर्बानी न दें.

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निषिद्ध पशुओं पर रोक, भीड़भाड़ से बचने की सलाह

सिद्दीकी ने अपील की है कि किसी भी ऐसे जानवर का वध न किया जाये, जो कानूनन प्रतिबंधित है. उन्होंने यह भी सलाह दी कि ईद की नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में 2-3 शिफ्ट में पढ़ी जाये, ताकि सड़कों पर भीड़ न हो और आम जनता को असुविधा न हो.

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कलकत्ता हाईकोर्ट का दखल से इनकार

बकरीद से ठीक पहले पशु वध नियमों को लेकर मचे घमासान पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी अपना रुख साफ कर दिया. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लागू पशु वध नियंत्रण अधिनियम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. अब किसी भी जानवर की कुर्बानी से पहले सरकारी पशु चिकित्सक (Veterinary Surgeon) से ‘स्वास्थ्य प्रमाण पत्र’ लेना अनिवार्य होगा. कोर्ट ने कहा कि यह अधिसूचना नियमों के दायरे में है और पहले दिये गये आदेशों का पालन करती है.

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West Bengal Bakrid: क्या है जमीनी हकीकत?

बंगाल के कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. खुले स्थानों पर वध पर पूरी तरह प्रतिबंध है. पुलिस अवैध पशु व्यापार पर पैनी नजर रख रही है. सरकार इसे कानून का शासन बता रही है, तो अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ वर्ग इन बदलावों को त्योहार की तैयारियों में बाधा मान रहे हैं.

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Published by: Mithilesh Jha

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