प्रशांत दे हत्याकांड : शुभेंदु अधिकारी के अल्टीमेटम के 6 घंटे के भीतर टीएमसी नेता गिरफ्तार, अब तक 11 पकड़े गये

WB Crime News: हावड़ा के बागनान में भाजपा नेता प्रशांत दे हत्याकांड में पुलिस ने तृणमूल नेता शेख सैफुद्दीन को गुप्त तहखाने से गिरफ्तार किया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अल्टीमेटम के 6 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी के राइट हैंड को पुलिस ने दबोच लिया.पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

WB Crime News: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से फिल्मी स्टाइल में प्रशांत दे हत्याकांड (Prasanta Dey Murder Case) के आरोपी को तहखाने से निकालकर गिरफ्तार कर लिया गया. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा था कि ‘किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जायेगा’. अपराधी चाहे पाताल में छिपे हों, उन्हें वहां से भी पकड़कर कड़ी से कड़ी सजा दिलायी जायेगी. इसके 6 घंटे के भीतर सीआईडी (CID) और हावड़ा ग्रामीण पुलिस की संयुक्त टीम ने हुगली जिले के बागनान में भाजपा नेता प्रशांत दे हत्याकांड के मुख्य आरोपी के दाहिने हाथ माने जाने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता शेख सैफुद्दीन (Sk Saifuddin) को धर दबोचा.

जमीन के नीचे तहखाने से पुलिस ने किया गिरफ्तार

टीएमसी नेता शेख सैफुद्दीन की गिरफ्तारी किसी थ्रिलर फिल्म के सीन जैसी थी. अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि सैफुद्दीन हावड़ा के श्यामपुर में एक घर में छिपा है. पुलिस ने वहां छापेमारी की, तो देखा कि घर के फर्श के नीचे गुप्त भूमिगत स्टोररूम (तहखाना) है. सैफुद्दीन इसी अंधेरे तहखाने में छिपकर बैठा था. पुलिस ने उसे वहां से निकालकर गिरफ्तार किया.

सीएम ने कहा था- अपराधियों को पाताल से भी खींच निकालेंगे

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बागनान के दिवंगत भाजपा नेता प्रशांत दे के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की थी. परिवास के कहा था कि जिन लोगों ने प्रशांत की हत्या की है, वे अगर पाताल में भी छिपे होंगे, तो उन्हें वहां से खींचकर सजा दिलायेंगे. हर एक अपराधी के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलेगा. इस बयान के 6 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी शेख मफीजुल खान के सबसे करीबी सैफुद्दीन को पकड़ लिया गया. इस केस में 51 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें से 11 की गिरफ्तारी हो चुकी है.

इसे भी पढ़ें : चुनावी हिंसा में मारे गये भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी, कहा- हत्यारों को पाताल से भी ढूंढ़ निकालेगी पुलिस

WB Crime News: 17 जून को हुई थी हत्या

17 जून को बंतुल गांव के रहने वाले प्रशांत दे अपने साथियों के साथ एक सामाजिक कार्यक्रम से लौट रहे थे. तभी एंटीला में टीएमसी के कथित उपद्रवियों ने उन पर लाठियों और लोहे की छड़ों से हमला कर दिया. प्रशांत की मौके पर ही मौत हो गयी. उनके 4 अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गये.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

प्रशांत के परिवार को कफन, 5000 रुपए और चिट्ठी भेजी

प्रशांत की हत्या के बाद उनकी पत्नी सोमा को अज्ञात नंबरों से फोन कर कहा गया था- तुम्हारा पति बहुत ज्यादा भाजपा की राजनीति कर रहा था. जाओ उसकी लाश उठा लो. इतना ही नहीं, परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए उनके घर की बालकनी में एक सफेद कफन, 5,000 रुपए और एक चिट्ठी भी छोड़ी गयी थी.

इसे भी पढ़ें

West Bengal News: बंगाल में शुरू हुई राजनीतिक हिंसा, नदिया में भाजपा कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या

बंगाल में NIA का एक्शन : SIR के दौरान जजों को बंधक बनाने के मामले में मालदा का सायेम चौधरी गिरफ्तार

बंगाल में हिंसा और उत्पीड़न का शिकार हो रहे आम लोग, भाजपा ने टीएमसी पर लगाया सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

बंगाल में वोट के बाद हिंसा, कांग्रेस कार्यालय पर हमला, इंदिरा-राजीव की तस्वीरें फाड़ी, गरियाहाट थाने पर प्रदर्शन

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >