राज्य सरकार के बैंक खातों को फ्रीज करने की चेतावनी

कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश देबांग्शु बसाक व न्यायाधीश मोहम्मद शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने सोमवार को राज्य सरकार के बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश देने की चेतावनी दी.

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश देबांग्शु बसाक व न्यायाधीश मोहम्मद शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने सोमवार को राज्य सरकार के बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश देने की चेतावनी दी. सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव ने स्वयं अदालत को बताया था कि अदालत की परियोजनाओं के लिए फंड जारी किया जायेगा, लेकिन इसके बाद भी ऐसा नहीं किया गया.

न्यायाधीश ने कहा ‘क्या राज्य में वित्तीय आपातकाल की स्थिति है?’ उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से बीएसएनएल के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है और यह बढ़ कर 5 करोड़ 60 लाख रुपये हो गया है. इसके अलावा राज्य सरकार ने कोर्ट की 36 परियोजनाओं के लिए धन आवंटित नहीं किया है. न्यायमूर्ति देबांग्शु बसाक ने कहा कि क्या हाइकोर्ट ऐसा आदेश दे कि अदालत की अनुमति के बिना राज्य का कोई भी धन जारी नहीं किया जा सकता? न्यायाधीश ने मुख्य सचिव से राज्य सरकार के सभी बैंकों खातों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी. साथ ही कहा कि अगर राज्य सरकार द्वारा फंड जारी नहीं किया गया तो अदालत बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश देगी.

सोमवर को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि अदालती खर्च का लगभग 2.9 करोड़ रुपये का बिल स्वीकृत हो चुका है. न्यायाधीश ने तब जानना चाहा कि क्या वह पैसा उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है? न्यायाधीश ने राज्य के प्रशासनिक प्रमुख, मुख्य सचिव और वित्त सचिव के कार्य की प्रकृति और भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उच्च न्यायालय के कार्यों के लिए धन का आवंटन प्रशासनिक कार्य के अंतर्गत नहीं आता? न्यायाधीश ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, अगर उच्च न्यायालय की यह स्थिति है, तो निचली अदालतों की क्या स्थिति होगी? तब राज्य के वकील ने कहा कि 60 लाख रुपये का निपटान किया जा रहा है. बाकी फंड 30 अक्तूबर तक दे दिया जायेगा. वित्त विभाग के अधिकारी ने कहा कि हम दो दिनों में स्वीकृत बिल का आधा फंड दे देंगे. तब अदालत ने पूछा कि इसमें दो दिन क्यों लगेंगे? अब पैसा तुरंत भेजा जा सकता है. इस पर वित्त विभाग के अधिकारी ने कहा कि अभी राज्य सरकार की छुट्टियां चल रही हैं और सभी कार्यालय बंद हैं. तब जज ने कहा कि अब पैसा ऑनलाइन भेजा जा सकता है. ऐसे में, छुट्टी के कारण इंटरनेट सेवा बंद नहीं होती! इसके बाद ही राज्य सरकार ने अदालत से सात दिनों का समय मांगा.

10 नवंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई

इस मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी. इससे पहले 29 अक्तूबर व छह नवंबर को मुख्य सचिव, वित्त सचिव व कलकत्ता हाइकोर्ट के प्रशासनिक अधिकारी बकाया फंडों पर विचार-विमर्श करेंगे और अगली सुनवाई के दिन अदालत में इसकी रिपोर्ट पेश करेंगे.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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