मतदाता सूची में नाम जोड़ने व सुधार की प्रक्रिया होगी पारदर्शी
कोलकाता. एसआइआर प्रक्रिया को लेकर चले विवाद के बीच पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और विवरण में सुधार के लिए नयी व्यवस्था लागू की जा रही है. मसुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कोलकाता हाइकोर्ट ने एक उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में निर्णय लिया गया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सुधार की प्रक्रिया न्यायाधीशों की निगरानी में विशेष प्रणाली के माध्यम से संचालित की जायेगी.
चुनाव आयोग सूत्रों के अनुसार, इसके लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया जा रहा है. न्यायाधीशों के नामों की सूची मिलने के बाद प्रत्येक के लिए अलग-अलग लॉग-इन आइडी बनायी जायेगी. संबंधित न्यायाधीश अपने जिम्मेवार क्षेत्र का चयन कर सकेंगे और उस क्षेत्र की बूथवार मतदाता सूची देख पायेंगे. पोर्टल में सुरक्षा के लिए ओटीपी आधारित लॉग-इन व्यवस्था की जा रही है. न्यायाधीश अपने क्षेत्र के बूथों की सूची का अवलोकन कर नाम जोड़ने या आवश्यक सुधार के लिए कार्रवाई कर सकेंगे. भारतीय चुनाव आयोग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, ताकि मतदाता सूची से जुड़े विवादों को कम किया जा सके और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे.
