मुख्य बातें
Mofakkerul Islam: मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार एमआईएम नेता मोफक्करुल इस्लाम ने कहा है कि वह इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता नहीं है. उन्होंने किसी को यह सब करने के लिए उकसाया नहीं है. मोथाबारी में जजों पर हुए हमले में उनका हाथ नहीं है. उन्होंने कहा कि वह जांच में एनआईए को हर संभव सहयोग देंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैध मतदाताओं के नाम एसआईआर से हटाए जाने के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी.
मोथाबारी मामले की होनी चाहिए जांच
अदालत में पेश होने आये एमआईएम नेता मोफक्करुल इस्लाम ने एक बांग्ला चैनल के साथ बात करते हुए कहा- यह आंदोलन पूरे पश्चिम बंगाल में जारी रहेगा. जाति और धर्म की परवाह किए बिना, यह आंदोलन उन लोगों के लिए जारी रहेगा, जिनके नाम काट दिए गए हैं, चाहे वे हिंदू हों या मुसलमान. उन्होंने कहा कि मोथाबारी मामले की जांच होनी चाहिए, लेकिन इस बात की जांच जरूर होनी चाहिए कि क्या वे न्यायाधीशों को परेशान करने के पीछे मुख्य साजिशकर्ता हैं या नहीं. उन्होंने कहा कि यह सब ममता बनर्जी द्वारा उन्हें मुख्य साजिशकर्ता घोषित करने के बाद हुआ है.
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मीडिया में एक साजिश रची गयी
अदालत में उनकी ओर से पेश वकील साल्टू मिया ने कहा- मीडिया में एक साजिश रची गयी है. इसलिए, जांच से पता चलेगा कि कौन इस साजिश का सूत्रधार हैं. सबने मोफक्करुल इस्लाम को भाषण देते हुए सुना है. हम यह बिल्कुल स्वीकार नहीं करते कि मोफक्करुल इस्लाम वहां न्यायाधीशों के काम में बाधा डाल रहे थे. वे एक कार के ऊपर खड़े होकर कह रहे थे. एक अन्य वकील ने कहा- मुख्यमंत्री खुद कह रही हैं कि उन्होंने सीआईडी के जरिए मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है. उनका यह संदेश हर जगह फैल गया है. वहां के आम लोगों ने 5-7 जगहों पर जाम लगा दिया है.
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