राज्य के बंगालियों की हमेशा से ही उपेक्षा करती रही है तृणमूल : सुकांत

सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को कहा कि भारतीय नागरिक देश में ही रहेंगे और जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, उन्हें यहां से जाना होगा. मगर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही हैं.

केंद्रीय मंत्री का आरोप- राज्य के बंगाली नेताओं को दरकिनार कर गैर-बंगालियों को बनाया सांसद कोलकाता. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह तृणमूल से बंगालियों को बाहर निकाल रही हैं और बाहर से आये लोगों को इस राज्य का नेता बना रही हैं. सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को कहा कि भारतीय नागरिक देश में ही रहेंगे और जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, उन्हें यहां से जाना होगा. मगर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही हैं. विडंबना यह है कि ममता बनर्जी ने खुद तृणमूल के भीतर बंगाली नेतृत्व को दरकिनार कर दिया है. उन्होंने कहा : ममता बनर्जी तृणमूल से बंगालियों को बाहर निकाल रही हैं और बाहर से आये लोगों को इस राज्य का नेता बना रही हैं. वह उन्हें संसद में भेज रही हैं. मैं कुछ नाम बताना चाहता हूं, जिनमें हिंदी बोलने वाले यूसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा, महाराष्ट्र से आये साकेत गोखले और असम से आयीं सुष्मिता देव को राज्यसभा और लोकसभा में भेजा गया है. क्या वे बांग्ला बोल सकते हैं? वे निश्चित रूप से नहीं बोल सकते. यूसुफ पठान बांग्ला नहीं बोल सकते. ममता बनर्जी बंगालियों के पेट पर लात मार रही हैं और वह वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं. उन्होंने कहा कि बंगाली और गैर-बंगाली ममता बनर्जी के लिए कोई मुद्दा नहीं हैं. वह खुद बंगाली महिलाओं के साथ बेईमानी कर रही हैं. उन्होंने गैर-बंगालियों को ही यहां से सांसद बना दिया.

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By GANESH MAHTO

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