तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के दावे के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर हमला बोला है. ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता में कहा कि भाजपा की मदद के लिए वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से वोटर्स के नाम हटा दिये गये.
भवानीपुर में एक भी वोटर बचा, तो मैं जीत जाऊंगी – ममता
ममता बनर्जी ने भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह आखिरी यात्रा होगी. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा कि मेरे भावानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाये गये हैं. उन्होंने कहा कि अगर एक भी मतदाता बच जाता है, तो भी मैं जीत जाऊंगी.
निर्वाचन आयोग ने जान-बूझकर असली मतदाताओं के नाम हटा दिये हैं. मैं स्तब्ध हूं. यह बहुत दुखद और अमानवीय स्थिति है.
ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
भाजपा की मदद के लिए ‘साजिश’ का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 28 फरवरी को मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनावों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए भाजपा और आयोग द्वारा ‘जान-बूझकर’ नाम हटाये गये हैं. कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की मदद के लिए ये ‘साजिश’ रची गयी है.
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वोटर लिस्ट से हटाये गये हैं 63.66 लाख लोगों के नाम
पश्चिम बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने कहा कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची से 63.66 लाख नाम हटाये गये, जो कुल मतदाताओं का 8.3 प्रतिशत है. एसआईआर के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या घटकर 7.04 करोड़ रह गयी है. 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है.
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