मूसलधार बारिश ने दी गर्मी से राहत

गुरुवार की शाम को अचानक मौसम ने करवट ली और चंदननगर, चुंचुड़ा और भद्रेश्वर समेत आस-पास के इलाकों में तेज मूसलधार बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई.

प्रतिनिधि, हुगली

गुरुवार की शाम को अचानक मौसम ने करवट ली और चंदननगर, चुंचुड़ा और भद्रेश्वर समेत आस-पास के इलाकों में तेज मूसलधार बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. लगभग बीस मिनट तेज बारिश और ओलापात होता रहा, उसके बाद रुक रुक की बारिश होती रही या बारिश पूरे जिले में अपना असर छोड़ा. बारिश की वजह से तापमान गिर गया. मौसम शीतल हो गया. लेकिन बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. इसके बाद बादलों की गड़गड़ाहट के साथ धीमी बारिश खबर लिखे जाने तक जारी रही.

चंदननगर के बागबाजार कुटीर मैदान इलाके में कालबैशाखी तूफान ने जमकर कहर बरपाया. तेज आंधी और बारिश के चलते एक बड़ा राधाचूड़ा का पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया. साथ ही एक बिजली का खंभा भी गिर पड़ा, जिससे इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी. इसी मैदान में आयोजित मेयर इलेवन और सीएबी इलेवन के बीच होने वाला एक प्रदर्शनी क्रिकेट मैच भी बारिश के कारण रद्द करना पड़ा. स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग द्वारा पेड़ और खंभा हटाने का कार्य जारी है. बारिश के दौरान काल बैसाखी की हवाएं भी चलीं, जिससे राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. जिले के कई जगहों पर पेड़ की डालियां टूट कर गिर गयीं, कई जगहों पर इलेक्ट्रिक पोल गिर गया. जीटी रोड पर जगह-जगह जलजमाव हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और दुपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

फसलों को नुकसान: इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन से न सिर्फ जनजीवन प्रभावित हुआ, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी इसकी गूंज महसूस की गयी. स्थानीय किसानों और बागान मालिकों के अनुसार, इस ओलावृष्टि और तेज बारिश से खासतौर पर आम और लीची की फसल को भारी नुकसान की आशंका है. चंदननगर हिमसागर आम की प्रसिद्ध उपज के लिए जाना जाता है, और इस समय पेड़ों पर फल लग चुके हैं. ओलों की मार और पानी भराव से फलों के झड़ने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है. जिले के अन्य हिस्सों, श्रीरामपुर, रिसड़ा, चुंचुड़ा, धनियाखाली, सिंगुर, हरिपाल, तारकेश्वर, बांसबेड़िया, पांडुआ आदि जगहों में भी हल्की से मध्यम बारिश की खबर है, हालांकि ओलापात मुख्यतः चंदननगर और चुंचुड़ा क्षेत्र तक सीमित रहा. मौसम विभाग के अनुसार, यह एक स्थानीय मौसमी असर था, जो अधिक गर्मी और वातावरण में नमी के कारण बना. आने वाले 24 घंटे में मौसम में और भी बदलाव की संभावना जतायी गयी है. स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही है. वहीं किसान संगठनों ने मांग की है कि सरकार संभावित फसल क्षति का त्वरित सर्वे कर राहत पैकेज की घोषणा करे.

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By Akhilesh kumar singh

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