तूणमूल हर तरह के फ्रॉड में माहिर

सत्तापक्ष पर हमला. आसनसोल में चिटफंड घोटाले के भंडाफोड़ पर बिफरे नेता प्रतिपक्ष

शुभेंदु की मांग : मामले की जांच करे सेबी व ईडी कोलकाता. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आसनसोल में चिटफंड कंपनी के भंडाफोड़ की घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. श्री अधिकारी ने गुरुवार को अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट कर कहा कि सुदीप्त सेन के बाद अब तहसीन अहमद. राज्य में एक और चिटफंड कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है. विपक्ष के नेता ने दावा किया कि चिटफंड कंपनी बना कर लोगों के रुपये गबन करने वाला आरोपी तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक सेल का सक्रिय नेता है और आरोपी के पिता शकील अहमद उर्फ मास्टर दा, राज्य जिला अल्पसंख्यक सेल के उपाध्यक्ष हैं. श्री अधिकारी ने कहा कि तहसीन अहमद ने आसनसोल में चिटफंड कंपनी खोल कर 350 करोड़ का घोटाला किया है. इस घोटाले का जिक्र करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि तृणमूल के एक बड़े नेता के बेटे की करतूत, पश्चिम बर्दवान जिला अल्पसंख्यक सेल के उपाध्यक्ष शकील अहमद उर्फ मास्टर का बेटा तहसीन अहमद तीन साल से आसनसोल के तीन हजार से अधिक निर्दोष परिवारों को लूट रहा था. बिना लाइसेंस वाली एक फर्जी कंपनी के जरिये 350 करोड़ जमा किया और फरार हो गया. तीन हजार परिवारों की जिंदगी तबाह हो गयी. लोगों ने अपनी जमीन व गहने बेच कर निवेश किया था. शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी नौकरी छीनने से लेकर धोखाधड़ी तक, लगभग हर तरह के फ्रॉड में माहिर है. आसनसोल में इस चिटफंड कंपनी का प्रमुख तहसीन अहमद है, जो जिले के कद्दावर नेता का बेटा है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार का घोटाला सत्तारूढ़ पार्टी के बड़े नेताओं और एडमिनिस्ट्रेशन के अघोषित सपोर्ट के बिना मुमकिन नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि यह घोटाला सिर्फ फ्रॉड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जांच होनी चाहिए कि क्या इसका इस्तेमाल बेनामी प्रॉपर्टी खरीदने, पॉलिटिकल फंड बनाने और शायद देश विरोधी कामों के लिए किया गया है. शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि तहसीन अहमद और उसके साथी मिल कर लोगों को ठग रहे हैं और प्रशासन चुप है. उन्होंने सेबी और ईडी से मामले में हस्तक्षेप कर घटना की जांच करने की मांग की. उन्होंने कहा कि पीड़ित लोगों को जल्द से जल्द इंसाफ मिलना चाहिए और उन्हें उनके पैसे वापस मिलने चाहिए.

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By GANESH MAHTO

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