बंगाल की राजनीति में राम-कृष्ण की एंट्री, अमित शाह की मायापुर यात्रा के बाद TMC और BJP में छिड़ी जंग

TMC vs BJP: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा में अभी देरी है. इसके पहले ही प्रदेश की राजनीति में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के नाम पर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग छिड़ गयी है. अमित शाह के इस्कॉन में दिये गये भाषण की एक क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर कर बीजेपी पर हमला बोला. इस पर बीजेपी ने भी जवाबी हमला बोल दिया.

TMC vs BJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा से पहले ही राज्य की राजनीति में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की एंट्री हो गयी है. इस बार शुरुआत तृणमूल कांग्रेस की ओर से हुआ है और भाजपा ने उस पर पलटवार किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तृणमूल कांग्रेस ने हमला बोला, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी पलटवार कर दिया. पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि भाजपा नेताओं को अब राम का नाम लेने में भी दिक्कत हो रही है. इस पर भाजपा ने कहा कि कोई मूर्ख ही ऐसी बात कर सकता है. जिसे धर्म का कोई ज्ञान नहीं, वही राम और कृष्ण को अलग-अलग समझ सकता है.

भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर की जयंती में शामिल हुए अमित शाह

दरअसल, बुधवार को एक दिन के पश्चिम बंगाल दौरे पर आये अमित शाह नदिया जिले के मायापुर में थे. उन्होंने इस्कॉन मंदिर में भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर की 152वीं जयंती पर आयोजित समारोह में भाग लिया. इस अवसर पर उन्होंने हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे का जप किया.

AITC ने अमित शाह का इस्कॉन का Video क्लिप शेयर किया

अमित शाह के दिल्ली लौटने के बाद अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपने ऑफिशियल X हैंडल @AITCofficial पर 21 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया. यह वीडियो इस्कॉन के कार्यक्रम में भाषण दे रहे अमित शाह का है. वीडियो में अमित शाह ‘हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे…’ कह रहे हैं. इस महामंत्र का वहां मौजूद लोग भी जप करते हैं.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

टीएमसी ने पूछा- भगवान राम का नाम लेने में हो रही दिक्कत?

इसी वीडियो का एक हिस्सा काटकर तृणमूल कांग्रेस ने पोस्ट किया और लिखा- अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भगवान राम का नाम लेने में भी दिक्कत हो रही है? टीएमसी ने आगे कहा- मायापुर में अमित शाह ने हरे कृष्ण महामंत्र का जप किया. शुरू की 2 लाइनों के बाद वह चुप हो गये. पार्टी ने पूछा कि ऐसा अज्ञानता में हुआ या उदासीनता की वजह से उन्होंने ऐसा किया?

तृणमूल कांग्रेस के ट्वीट का स्क्रीन शॉट.

15वीं सदी के भक्तिकाल में प्रसिद्ध हुआ हरे कृष्ण महामंत्र

तृणमूल कांग्रेस ने लिखा है कि 15वीं सदी में भक्ति आंदोलन के दौरान श्री श्री चैतन्य महाप्रभु के दौर में हरे कृष्ण महामंत्र उभरकर सामने आया. नदिया की पवित्र भूमि पर खड़े होकर, जो भूमि हमेशा श्री श्री चैतन्य महाप्रभु से जुड़ी हुई है, इस तरह का आधा-अधूरा आह्वान या तो समझ की कमी को दर्शाता है या श्रद्धा की कमी?

भगवान राम का नाम जपने में झिझक?

तृणमूल कांग्रेस ने आगे लिखा है कि क्या उस पार्टी के लिए इससे बड़ा कोई विरोधाभास हो सकता है, जो हिंदू आस्था की एकमात्र संरक्षक होने का दावा करती है, फिर भी दृढ़ विश्वास और सम्मान के साथ भगवान राम का नाम जपने में झिझकती है?

TMC vs BJP: टीएमसी के ट्वीट पर बीजेपी का पलटवार

तृणमूल कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर जारी इस बयान पर पश्चिम बंगाल भाजपा के मीडिया प्रभारी विमल शंकर नंदा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कोई मूर्ख ही ऐसा बकवास कर सकता है. मायापुर चैतन्य महाप्रभु की भूमि है. भगवान श्री कृष्ण की भूमि है. अमित शाह ने वहां महामंत्र हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे कहा. इसमें राम भी हैं और कृष्ण भी हैं.

राम और कृष्ण दोनों भगवान विष्णु के अवतार

नंदा ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) से बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण अलग-अलग नहीं हैं. दोनों एक ही हैं. दोनों भगवान विष्णु के अवतार हैं. अज्ञानी लोग ही ऐसी बातें कर सकते हैं. विमल शंकर नंदा ने कहा कि भाजपा भगवान कृष्ण का भी सम्मान करती है और भगवान राम का भी.

इसे भी पढ़ें

गृह मंत्री नहीं, चैतन्य महाप्रभु का भक्त बनकर आया हूं, अमित शाह के बंगाल दौरे से चढ़ा सियासी पारा

अमित शाह आज पश्चिम बंगाल में, नदिया पुलिस हाई अलर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >