खास बातें
TMC Rebellion Secret War Room: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘ममता बनर्जी के बिना नयी टीएमसी’ का जो नैरेटिव कल तक बंद कमरों तक सीमित था, अब कोलकाता के सॉल्टलेक और न्यूटाउन के फाइव-स्टार होटलों में बाकायदा बैठकों में तब्दील हो चुका है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी के नाराज 60 विधायकों और कई शीर्ष सांसदों ने ममता और अभिषेक बनर्जी की नजरों से दूर कोलकाता के राजारहाट-न्यूटाउन इलाके में एक समानांतर वॉर रूम (Parallel War Room) तैयार कर लिया है. तख्तापलट की पटकथा इतनी खामोशी और वैज्ञानिक तरीके से लिखी जा रही है कि खुफिया तंत्र (IB) भी इसकी भनक पाने में पूरी तरह नाकाम रहा.
पीके (प्रशांत किशोर) के पुराने नेटवर्क का हो रहा इस्तेमाल?
बंगाल में ममता बनर्जी और उनके परिवार के खिलाफ शुरू हुई इस बगावत के पीछे चल रहे संगठित दिमाग को लेकर जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ है, उसने तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के पैरों तले की जमीन खिसका दी है. सूत्रों का दावा है कि 2021 के चुनाव में टीएमसी के लिए काम कर चुके आई-पैक (I-PAC) के प्रशांत किशोर की टीम के कुछ पूर्व रणनीतिकार और डेटा एक्सपर्ट्स इस समय बागी विधायकों को तकनीकी और सांख्यिकीय मदद दे रहे हैं.
एक-एक सीट का चुनावी डेटा तैयार
बागी गुट को यह समझाया गया है कि किस तरह आरजी कर कांड और भ्रष्टाचार के बाद ममता बनर्जी का कोर वोट बैंक खिसक चुका है. डेटा के जरिये विधायकों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि ‘ममता के चेहरे के बिना’ (ममता मुक्त तृणमूल कांग्रेस) भी वे अपनी जमीनी पकड़ के दम पर दोबारा चुनाव जीत सकते हैं.
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बिछ रही सिंबल फ्रीज कराने की कानूनी बिसात
बागी धड़े के वकील दिल्ली के बड़े कानूनविदों के संपर्क में हैं. तैयारी यह है कि जैसे ही विधायकों की संख्या 65 के पार पहुंचेगी, वैसे ही चुनाव आयोग में ‘तीर-कमान’ (शिवसेना विवाद) और ‘घड़ी’ (एनसीपी विवाद) की तर्ज पर टीएमसी के ‘जोड़ा फूल’ सिंबल को फ्रीज कराने या उस पर दावा ठोकने की अर्जी डाल दी जायेगी.
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काकोली और सुदीप बंद्योपाध्याय का मौन समर्थन?
पार्टी में सबसे ज्यादा डर इस बात की है कि बगावत की यह आग केवल विधायकों तक सीमित नहीं है. लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों में भी यह आग सुलग रही है. डॉ शांतनु सेन के इस्तीफे और तारक सिंह की खुली बगावत के बाद भी पार्टी के लोकसभा संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार जैसी कद्दावर शख्सीयतों ने ममता बनर्जी के समर्थन में कोई मजबूत बयान नहीं दिया है.
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TMC Rebellion Secret War Room: कभी भी इस्तीफा दे सकते हैं टीएमसी के 3 सांसद
चर्चा है कि दिल्ली में मौजूद टीएमसी के 3 बड़े सांसद किसी भी वक्त पार्टी के सभी पदों से सामूहिक त्यागपत्र की घोषणा कर सकते हैं. इससे राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया (INDIA) गठबंधन के भीतर भी ममता बनर्जी पूरी तरह अलग-थलग पड़ जायेंगी.
कोलकाता के वाई-चैनल पर धरना में नहीं पहुंचे विधायक
2 जून को कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर होने वाले महा-धरने को ममता बनर्जी ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया. कालीघाट से सभी जिला अध्यक्षों को साफ कह दिया गया था कि जो भी विधायक या पार्षद धरने में नहीं दिखेगा, उसे ‘गद्दार’ घोषित कर दिया जायेगा. बावजूद इसके, धरने में 60 विधायक नहीं आये. इसे ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
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