बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद

TMC Councillors Distribute Annapurna Bhandar Forms: पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी पार्षदों ने व्यावहारिक रुख अपनाया है. कोलकाता के विभिन्न वार्डों में तृणमूल पार्षद खुद भाजपा सरकार की अन्नपूर्णा भंडार योजना के फॉर्म बंटवा रहे हैं. पार्षदों ने कहा कि वे फिजूल का विरोध नहीं करेंगे.

कोलकाता से कुंदन झा की रिपोर्ट

TMC Councillors Distribute Annapurna Bhandar Forms: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर की दरार और सांगठनिक बिखराव सामने आने लगे हैं. पार्टी के बड़े नेताओं और विधायकों की बगावत के बाद अब कोलकाता नगर निगम (KMC) के पार्षदों ने भी कालीघाट के रुख से अलग राह चुन ली है.

शुभेंदु सरकार का बेवजह विरोध नहीं करने का निर्णय

एक तरफ जहां टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी कोलकाता की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ धरना दे रही थीं, तो दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के अधिकांश पार्षद खुलकर कह रहे हैं कि वे सरकार का बेवजह विरोध नहीं करेंगे. पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की महत्वाकांक्षी योजना ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांटने और महिलाओं की मदद करने का फैसला किया है.

TMC Councillors Distribute Annapurna Bhandar Forms: कालीघाट की बैठक बेअसर, पार्षदों ने स्वीकारा जनमत

हाल ही में रविवार को कालीघाट में ममता बनर्जी द्वारा बुलायी गयी आपात बैठक में 80 में से केवल 20 विधायकों के पहुंचने के बाद से ही तृणमूल में भगदड़ का माहौल है. टीएमसी पार्षदों के इस बदले रुख ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सबसे बड़ा झटका दिया है. अधिकतर तृणमूल पार्षदों ने कहा है कि बंगाल की जनता ने चुनाव में जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, उसे लोकतांत्रिक तरीके से स्वीकार करना ही होगा. अब हर बात पर विरोध की बजाय अपने क्षेत्र की जनता के विकास और नागरिक सेवाओं में मदद करना ही उनका पहला फर्ज है.

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हर महिला को 3,000 रुपए दिलाना हमारा फर्ज

भाजपा सरकार की ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना, के तहत जरूरतमंद महिलाओं को 3,000 रुपए प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जायेगी. इसको लेकर टीएमसी पार्षदों में खासा उत्साह दिख रहा है. पार्षदों का मानना है कि यह योजना सीधे तौर पर गरीब महिलाओं के कल्याण से जुड़ी है, इसलिए वे राजनीति से ऊपर उठकर अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे. कोलकाता के जिन वार्डों में फिलहाल वार्ड कार्यालय (Ward Office) की सुविधा नहीं है, वहां पार्षदों की देखरेख में नगर निगम के स्वास्थ्य केंद्रों (Health Centers) के जरिये बेहद व्यवस्थित तरीके से ये फॉर्म बांटे जा रहे हैं.

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Published by: Mithilesh Jha

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